जूते खोने की बात आमतौर पर आई-गई हो जाती, लेकिन यात्री ने इसके लिए सीधे-सीधे रोडवेज को जिम्मेदार ठहरा दिया और अधिकारियों से जूता ढूंढने की मांग कर दी।
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कोमल नेगी
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Image: uttarakhand roadways shoe missing news
नैनीताल: अपने देश में जूते-चप्पल चल जाना, खो जाना बेहद आम है।
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जूते खोने का दर्द क्या होता है, ये वही जानता है, जिसे वापस लौटते वक्त नंगे पैर सफर करना पड़ा हो। हरियाणा के रहने वाले एक यात्री ने भी ऐसा ही दर्द सहा। यात्री का उत्तराखंड रोडवेज की बस में जूता गायब हो गया। आमतौर पर बात आई-गई हो जाती, लेकिन यात्री ने इसके लिए सीधे-सीधे रोडवेज को जिम्मेदार ठहरा दिया और अधिकारियों से जूता ढूंढने की मांग की। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भवाली डिपो के सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार दुर्गापाल ने चालक अभिजीत कुमार और परिचालक राजेन्द्र जाटव से इस संबंध में जवाब मांगा है। यात्री का नाम अभिषेक है, वो हरियाणा के कुरुक्षेत्र का रहने वाला है। 25 अक्टूबर को अभिषेक तीन दोस्तों के साथ भवाली डिपो की बस में नैनीताल से सवार हुआ था। इन्हें काठगोदाम रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पास अभिषेक दोस्तों के साथ उतर गया, लेकिन जूता बस में ही छूट गया। अब अभिषेक ने जूते तलाशने की मांग की है। अफसरों को भेजे गए लेटर में अभिषेक ने लिखा कि उसका जूता जल्द ढूंढकर इस संबंध में सूचना दी जाए। ऐसी शिकायत और उस पर कार्रवाई के आदेश से निगम के कर्मचारी हैरान हैं। सब काम छोड़कर जूता तलाशो अभियान में जुटे हुए हैं। सहायक महाप्रबंधक भवाली मनोज दुर्गापाल ने कहा कि एक यात्री ने आरएम को बस में जूता गायब होने की शिकायत दी है। इस पर आरएम की ओर से कार्रवाई के निर्देश मिले थे। चालक और परिचालक से मामले की जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों के निर्देश पर जूते की खोजबीन की जा रही है। हालांकि जूता ढूंढ पाना इतना आसान भी नहीं है, क्योंकि जूते को गुम हुए 20 दिन हो चुके हैं।