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उधमसिंह नगर: बड़े अफसरों के बीच में चल रही राजनीति में हमेशा छोटे कर्मचारी पिसते रहते हैं।
जो भी बड़े अधिकारियों के साथ मधुर संबंध बनाकर रखता है उनको वह उनकी मर्जी की पोस्टिंग दे देते हैं और जिनसे उनकी ट्यूनिंग या उनके संबंध खराब रहते हैं उनके साथ वे मनमानी करते हैं और बुरी तरह से पेश आते हैं। पुलिस विभाग की अंदरूनी राजनीति का शिकार बने उधमसिंह नगर के एक पुलिस के सिपाही ने अफसरों पर शोषण का आरोप लगाया है और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक ऊधम सिंह नगर के सिपाही मनोज कुमार का लिखा हुआ पत्र इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। एसएसपी के नाम भेजे पत्र में सिपाही मनोज कुमार ने अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं। शोषण के शिकार सिपाही ने एसएसपी को पत्र भेजकर स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभाग में राजनीति हावी है। जिसकी पकड़ अच्छी है। उसे मनचाही पोस्टिंग दी जाती है। एसएसपी के नाम भेजे पत्र में लिखा है कि वह वर्ष 1998 बैच का सिपाही है। अलग राज्य बनने के बाद उत्तराखंड पुलिस में निरंतर अपनी सेवाएं दे रहा है। 22 साल बीत जाने के बाद भी विभाग में उसे कोई भी विभागीय पदोन्नति व प्रमोशन नहीं दिया गया है। आगे पढ़िए
बड़े अधिकारियों द्वारा उसका शोषण किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि बीते चार साल से वह लगातार रात्रि ड्यूटी कर रहा है। सिपाही के नाम से जारी पत्र में एसएसपी को उन्होंने यह भी लिखा है कि वह पुलिस विभाग से काफी परेशान व तंग का चुका है। विभाग में छोटे कर्मचारियों का शोषण होता है। जिन लोगों की राजनीति पकड़ है और बड़े अधिकारियों से अच्छे संबंध हैं वह लोग मनचाही पोस्टिंग पाते हैं। जिनकी कोई ताकत नहीं है, वह लोग वहीं के वहीं पड़े हैं औ उनकी कोई भी कदर नहीं है। इन्हीं कारणों से वह पुलिस विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाह रहा है। वहीं उत्तराखंड पुलिस में उत्पीड़न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगने के लेटर से अधिकारी सन्न हैं।सिपाही की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं। फिलहाल इस पत्र पर अभी तक किसी का भी कोई भी जवाब और रिएक्शन नहीं आया है।