Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
अल्मोड़ा: अल्मोड़ा के रानीखेत में अब भी गुलदार का खतरा कम नहीं हुआ है। यहां आदमखोर मादा गुलदार को ढेर किए जाने के बाद भी संकट टला नहीं है।
अब दूसरे गुलदार की दहाड़ से इलाका दहल उठा। माना जा रहा है कि मादा गुलदार के मारे जाने से नर गुलदार गुस्से में आ गया है। दरअसल उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में रानीखेत के कुंवाली घाटी के दैना गांव में आदमखोर मादा गुलदार को ढेर किए जाने के बाद भी संकट टला नहीं है। साथ छूटने से बौखलाया नर गुलदार बीती देर रात से ही गांव के आसपास मंडराने लगा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि तड़के सुबह भी गुलदार की दहाड़ें दिल दहलाती रहती हैं। शाम होते ही गुलदार की धमक सुनाई देने से ग्रामीण सहम गए हैं।
वहीं आदमखोर मादा गुलदार को निशाना बनाने वाले शिकारी राजीव सोलोमन ने खुलासा किया कि बुजुर्ग मोहन राम को मादा गुलदार ने ही मारा था। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिन साथी मादा की तलाश में नर गुलदार भटक रहा है। यह मुमकिन है कि कुछ वक्त बाद वह इलाका छोड़ दे। दरअसल द्वाराहाट ब्लाक के दैना गांव में बीती 29 नवंबर की शाम 65 वर्षीय मोहन राम को मादा गुलदार ने शिकार बना लिया था। सोमवार की शाम करीब सात बजे घटनास्थल के पास पहुंची मादा गुलदार को ढेर कर दिया गया था। उसका शव रात में वन्यजीव चिकित्सालय अल्मोड़ा ले जाया गया। मध्यरात्रि बाद से ही दूसरे गुलदार की दहाड़ से इलाका दहल उठा। माना जा रहा है कि मादा के मारे जाने से नर गुलदार गुस्से में आ गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में दोबारा गश्त का आग्रह किया है।