हरिद्वार में एक बच्चे ने फिल्म देखकर अपने अपहरण की कहानी रच डाली। वजह बस ये थी कि बच्चा ट्यूशन नहीं जाना चाहता था।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: child planned his abduction In Haridwar
हरिद्वार: अगर आप के बच्चे भी हर वक्त टीवी-मोबाइल पर चिपके रहते हैं तो सतर्क हो जाइए।
child planned his abduction In Haridwar
हरिद्वार में एक बच्चे ने फिल्म देखकर अपने अपहरण की कहानी रच डाली। वजह बस ये थी कि बच्चा ट्यूशन नहीं जाना चाहता था। बच्चे की इस कहानी को सच मानकर पुलिस यहां से वहां दौड़ती रही। दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, लेकिन न तो बच्चे का पता चला न ही उसे अगवा करने वाले युवक का। बाद में पूरी कहानी सामने आई तो पुलिस ने अपना माथा पकड़ लिया। मामला ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का है। यहां पीठ बाजार में अनुराग झा रहते हैं, जिनके अलग-अलग जगहों पर बैंक्वेट हॉल हैं। शुक्रवार शाम उनका 11 साल का बेटा देव साइकिल पर ट्यूशन के लिए निकला, लेकिन वहां पहुंचा नहीं। बाद में बच्चा घर लौटा और बताया कि चार लोगों ने उसे जबरदस्ती अपनी बाइक पर बैठा लिया था। ये लोग उसे अपने साथ ले गए।
रास्ते में युवक एक साधु से बात करने के लिए रुक गए तो बच्चा उनके चंगुल से निकल कर भाग आया। बच्चे के परिजनों ने इस बारे में तुरंत पुलिस को बताया। जिसके बाद कोतवाली प्रभारी और दूसरे तमाम पुलिस अधिकारी बच्चे के घर पहुंचे। बच्चे से पूछताछ की गई तो वो बार-बार बयान बदलता रहा। शक होने पर पुलिस ने ज्यादा पूछताछ की तो बच्चे ने सच उगल दिया। उसने बताया कि वो ट्यूशन नहीं जाना चाहता है। मां की डांट और ट्यूशन जाने से बचने के लिए उसने झूठ बोला था। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बच्चे ने ये स्वीकार किया कि उसने सिर्फ ट्यूशन जाने से बचने के लिए उसने यह सब किया। दोपहर में मां ने उसे डांट दिया था। सिर्फ ट्यूशन जाने से बचने के लिए और घर पर ही रहने के लिए उसने अपने अपहरण की फर्जी कहानी आकर घरवालों को बताई। जांच में कहीं भी अपहरण की पुष्टि नहीं हो पाई है।