हरिद्वार: दो महाकुंभ सहित 20 साल सेवा देने वाले घोड़े राजा ने तोड़ा दम, नम आंखों से दी विदाई
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: uttarakhand police horse raja died
हरिद्वार: हरिद्वार के पुलिस विभाग का अभिन्न अंग अब महज यादों में जिंदा रहेगा।
Uttarakhand police horse raja died
हम बात कर रहे हैं पुलिस में कार्यरत घोड़े राजा की जिसने अपने कार्यकाल के दौरान दो महाकुंभ, दो अर्द्धकुंभ व सैकड़ों स्नान पर्वों में सेवा दी। राजा घोड़े ने हाल ही में आखिरी सांस ली। राजा काफी लंबे समय से बीमार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित जिले के पुलिस अधिकारियों ने कनखल बैरागी कैंप स्थित घुड़सवार पुलिस लाइन पहुंचकर राजा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। साल 2003 में पीटीसी मुरादाबाद से ट्रेनिंग लेने के बाद राजा उत्तराखंड पुलिस का हिस्सा बना था। अपने 20.5 वर्ष के लंबे कार्यकाल में राजा ने हरिद्वार में कुंभ, अर्द्धकुंभ, कांवड़ मेलों व अन्य स्नान पर्वों पर शांति व्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाई। आगे पढ़िए
बीमारी के कारण 24 वर्षीय राजा का देहांत हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने घुड़सवार पुलिस लाइन में अंतिम विदाई देते हुए कहा कि राजा हरिद्वार घोड़ा पुलिस लाइन का महत्वपूर्ण घोड़ा था। उसके निधन से हम सभी दु:खी हैं। अधिकारियों व जवानों ने राजा को दुखी मन से अंतिम विदाई दी। उसकी अंतिम विदाई में एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ सदर बहादुर सिंह चौहान, सीओ सिटी मनोज ठाकुर, सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल व इंस्पेक्टर कनखल मुकेश चौहान सहित अन्य अधिकारी व जवान शामिल रहे।