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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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उत्तरकाशी: उत्तराखंड में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। कभी पिथौरागढ़ तो कभी चमोली में धरती डोल रही है। इस बार उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
यहां बुधवार सुबह 2 बजकर 19 मिनट पर धरती कांपने लगी। जिसके बाद डरे हुए लोग घरों से बाहर निकल आए। पूरी रात अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल भूकंप से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। बीती रात नेपाल से लेकर उत्तराखंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल में एक घंटे के भीतर दो बार भूकंप आया, वहीं उत्तरकाशी में भी तड़के 2 बजकर 19 मिनट पर धरती कांपने लगी। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 थी। हालांकि नेपाल में आए भूकंप की तीव्रता उत्तरकाशी से काफी अधिक रही। आगे पढ़िए
जानकारी के अनुसार, नेपाल के बागलुंग में एक और दो बजे (स्थानीय समय) के बीच भूकंप के झटके आए, हालांकि अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। नेपाल के बागलुंग में ये भूकंप के झटके ऐसे वक्त में महसूस किए गए, जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। नेशनल अर्थक्वैक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर नेपाल के अनुसार बागलुंग जिले में महसूस किए गए झटकों की तीव्रता 4.7 और 5.3 रही। आपको बता दें कि दिसंबर महीने में उत्तराखंड में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। उत्तराखंड आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां लंबे वक्त से भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। राज्य में पूर्व में आए बड़ी तीव्रता के भूकंप की बात करें तो 1999 में चमोली में आए भूकंप का मैग्नीट्यूड 6.8, 1991 में उत्तरकाशी में 6.6 और 1980 में धारचूला में 6.1 मैग्नीट्यूड के भूकंप आ चुके हैं।