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हरिद्वार: उत्तराखंड में दहेज उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं मगर इसके बावजूद भी इसके खिलाफ कोई भी कड़ा स्टेप नहीं गया जा रहा है।
अब हरिद्वार में दहेज उत्पीड़न का मामला सामने आया है जहां पर एक विवाहित महिला के साथ उसके ससुराल वालों ने जानवरों जैसा सलूक किया और उसको मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से परेशान किया। जब महिला ने पुलिस में कंप्लेंट लिखानी चाहिए तो पुलिस ने महिला को डांट कर भगा दिया जिसके बाद महिला कोर्ट में पहुंची और अब कोर्ट के आदेश के बाद ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने महिला के पति समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। कोर्ट को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार पीड़ित शिखा पत्नी चेतन निवासी न्यू सुभाष नगर ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष उसकी शादी चेतन से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही उसका पति चेतन,ससुर, देवरानी, जेठानी समेत परिवार के अन्य सदस्य उसके ऊपर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे।
सभी ने दहेज की मांग को लेकर उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करना शुरू किया। आरोप है कि गर्भवती होने के दौरान उसे बुरी तरह से पीटा गया। उसके बाद उसने जब अपनी बेटी को जन्म दिया तब उसे नवजात बेटी को जन्म देने को लेकर प्रताड़ित करना शुरू किया। आरोप है कि उन्होंने इस अगस्त को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया और दहेज में मोटरसाइकिल एवं 2 लाख न मिलने पर उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक देने की धमकी दे दी गई है। इस मामले में जब पीड़िता ने कोतवाली पुलिस की शरण ली तो उसको डांट फटकार कर वहां से भगा दिया गया जिसके बाद पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने ज्वालापुर पुलिस को फटकार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल रुप से संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दे दिया है। निर्देश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया है और मामले की जांच पड़ताल भी शुरू कर दी है।