अद्भुत उत्तराखंड: इस इलाके में हैं सिर्फ नागों के मंदिर, यहां मानवों की रक्षा करते हैं नाग देवता

उत्तराखंड का यह इलाका 'नागों' के नाम से है प्रसिद्ध, जानिए पिथौरागढ़ के वेणीनाग मंदिर का रहस्य.. Berinag the land of nag devta
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

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Image: Berinag the land of nag devta

पिथौरागढ़: उत्तराखंड को हर कोई देवभूमि के नाम से जानता है। इसकी वजह है यहां मौजूद ऐसे सैकड़ों धार्मिक स्थल जिनका उल्लेख कई पौराणिक कथाओं में भी देखने को मिलता है। जिन्होंने इतिहास देखा है, जिनका अस्तित्व हमें हमारी धरोहर याद दिलाता है।

Berinag the land of nag devta

आज राज्य समीक्षा एक ऐसी ही जगह के बारे में आपको बताने जा रहा है जो नागों के लिए बेहद प्रसिद्ध है। यहां वेणीनाग का मंदिर है जहां नाग देवता की पूजा की जाती है और इसी के नाम पर इस जगह का नाम बेरीनाग पड़ा है। बेरीनाग का इतिहास काफी प्राचीन है। नाग मंदिर आज इस क्षेत्र में आस्था के प्रमुख केंद्र हैं और यहां पर नागों के अलग-अलग मंदिर हैं जिनमें बेरीनाग, धौली नाग, फेणी नाग, पिंगली नाग, काली नाग और सुंदरी नाग मंदिर शामिल हैं। आगे पढ़िए

ये नाग मंदिर आज इस क्षेत्र के लोगों के ईष्ट देवताओं के मंदिर हैं। कहा जाता है कि इन मंदिरों में रहने वाले देवता बेहद शक्तिशाली हैं। ऐसा कहा जाता है कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बेरीनाग के नाग मंदिरों का इतिहास आर्यों से भी प्राचीन रहा है। मान्यता तो यह भी है कि काकेशियन आर्यों के इस क्षेत्र में आने से पहले यहां पर नाग वंश का शासनकाल था। इन सब कारणों से बेरीनाग आज नागों के क्षेत्र के लिए जाना जाता है। चौंक गए न आप भी? देवभूमि उत्तराखंड में सैकड़ों ऐसे मंदिर हैं जिनकी धार्मिक और पौराणिक मान्यताएं हैं और सैकड़ों लोगों की आस्था उनमें है। राज्य समीक्षा ऐसे धार्मिक स्थलों की जानकारी समय समय पर आपतक पहुंचाता रहेगा।