उत्तराखंड: दुल्हन करती रही इंतजार, नहीं आई बारात..दर्ज हुआ केस

Haridwar Marriage Dowry Case: दहेज में नहीं मिली इनोवा गाड़ी तो दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा, वधू पक्ष बारात आने का करते रहे इंतजार
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
haridwar dowry case: Haridwar dowry case groom did not come in wedding
Image: Haridwar dowry case groom did not come in wedding

हरिद्वार: हरिद्वार में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे साफ होता है कि दहेज की बंदिशों से हम अभी तक आज़ाद नहीं हो सके।

Haridwar Marriage Dowry Case

यहां दहेज में नहीं मिली इनोवा गाड़ी तो दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा, वधू पक्ष बारात आने का करते रहे इंतजार…दरअसल मोहल्ला कड़च्छ अहबाब नगर निवासी गुफरान अहमद उर्फ पप्पू ने शिकायत देकर बताया कि उनकी पुत्री सानिया का रिश्ता रईस अहमद ने हाजी रईस अहमद (शकील अहमद) के पुत्र दानिश अब्बासी से कराया था।दोनों की 23 अगस्त 2021 को आशियाना होटल सराय रोड में सगाई हुई थी, जिसमें लड़की वालों ने लड़के वालों को सोने के आभूषण और लाखों रुपये नगदी भी। आगे पढ़िए

आरोप है कि बीती 22 जनवरी को रुड़की के एक बैंक्वेट हॉल में दोनों की शादी होनी थी, लेकिन शादी से पहले ही रईस ने स्कूटर की मांग करते हुए बिचौलिए के खाते में 1.10 लाख रुपये डलवाए। जबकि रईस को नगद 15 लाख रुपये घर बुलाकर दिए गए। आरोप है कि दूल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। जब रईस अहमद उर्फ शकील अहमद से कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमें इनोवा क्रिस्ट कार चाहिए। जिस कारण शादी नहीं हो सकी। वहीं लड़की पक्ष ने ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि आरोपी रईस अहमद,उसके पुत्र दानिश अब्बासीऔर बिचौलिया रईश अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।