Rishikesh Karnprayag Rail Line New Tunnel के आर-पार होते ही कंपनी के अधिकारियों और मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारत माता की जय के नारे लगने लगे।
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कोमल नेगी
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Image: Rishikesh Karnaprayag Rail Line Narkota Jawadi Bypass Tunnel
रुद्रप्रयाग: जोशीमठ में आई आपदा के बाद पहाड़ों में बन रही सड़कों और रेल परियोजनाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, हालांकि सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं को विशेषज्ञों की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा है।
Rishikesh Karnprayag Rail Line New Tunnel
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना केंद्र सरकार की ऐसी ही महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। प्रदेश में परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को मेगा कंपनी द्वारा नरकोटा से 7 जवाड़ी बाईपास का ब्रेक थ्रू किया गया। सुरंग के आर-पार होते ही कंपनी के अधिकारियों और मजदूरों में खुशी की लहर दौड़ गई। भारत माता की जय के नारे लगने लगे। मेगा कंपनी द्वारा एडिट 7 के फेज वन पर 24 नवंबर 2021 से कार्य शुरू किया गया, जो 4 फरवरी को पूरा किया गया। शनिवार को जिस सुरंग का ब्रेक थ्रू किया गया, वो 3.2 किमी लंबी है। आगे पढ़िए
Rishikesh Karnprayag Rail Line
कंपनी के महाप्रबंधक एचएन सिंह ने बताया कि रेल विकास निगम के दिशा निर्देशों पर मेगा कंपनी द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्य टनल पर भी कार्य जारी है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग ब्राडगेज रेल परियोजना करीब 16,216 करोड़ की लागत से बन रही है। 2024 तक परियोजना का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारी देवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर, सिवाई (कर्णप्रयाग) में रेलवे स्टेशन बनेंगे। 126 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना में 105 किलोमीटर लाइन सुरंगों के अंदर से गुजरेगी। जबकि 21 किलोमीटर ट्रैक खुले आसमान के नीचे बनेगा।