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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: पहाड़ की प्रतिभाशाली बेटियां अपनी शानदार उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं।
इसी कड़ी में एक अच्छी खबर चमोली जिले से आई है। यहां रहने वाली यशस्वी पुरोहित ने जेईई मेंस के पहले चरण के एग्जॉम में 99.23 परसेंटाइल प्राप्त किए। जेईई मेंस इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए देश की सबसे बड़ी संयुक्त परीक्षा है। जिसमें यशस्वी ने प्रदेश का परचम लहराया है। यशस्वी का परिवार मूल रूप से चमोली जिले के कर्णप्रयाग का रहने वाला है। वर्तमान में वो देहरादून के बलूनी स्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। उनके पिता प्रेम प्रकाश पुरोहित और माता अंजु पुरोहित सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। वर्तमान में दोनों ही चमोली जिले के गोपेश्वर में सेवा दे रहे हैं। माता-पिता क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में हैं, इसलिए यशस्वी को पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी में खूब सहयोग मिला। आगे पढ़िए
यशस्वी ने बताया कि उन्होंने नौवीं कक्षा में ही तय कर लिया था कि आईआईटी से बीटेक करना है। इसके लिए 10वीं से ही तैयारी शुरू कर दी थी। यशस्वी की रुचि कंप्यूटर साइंस में है। जेईई एडवांस में अच्छे पर्सेंटाइल प्राप्त होने के बाद वो अब आईआईटी से शिक्षा हासिल करना चाहती हैं। यशस्वी कहती हैं कि केमिस्ट्री विषय को अगर मजबूत बना लिया जाता है तो इससे जेईई में अच्छा स्कोर बनाया जा सकता है। गणित के कठिन प्रश्न भी पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी भी अच्छे से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मॉक टेस्ट बहुत फायदेमंद होते हैं। मैने इसकी ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस की थी। अब यशस्वी आईआईटी में दाखिला लेकर कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहती हैं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।