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चमोली: जोशीमठ में भूधंसाव के साथ जगह-जगह खिसक रही शिलाएं भी दहशत बढ़ा रही हैं। बीते दिनों गांधीनगर में तीन शिलाओं के खिसकने की खबर आई।
इन शिलाओं की ऊंचाई छह से सात फीट तक और चौड़ाई तीन से चार फीट तक है। अब सिंहधार वार्ड में भारी-भरकम शिला के पास भूस्खलन हुआ है। भारी-भरकम शिला आबादी वाले इलाके की ओर झुकी हुई है। शिला के पास 20 मीटर के दायरे में भारी भूस्खलन हुआ है। इससे शिला के नीचे लगाई टेकों में से एक टेक के नीचे भी भूमि पर दरारें आई है। इस शिला के नीचे एक किमी के दायरे में गिरसी व रामकलूड़ा मोहल्ले के साथ ही जेपी कॉलोनी व मारवाड़ी की बड़ी आबादी निवास करती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि शिला खिसकी तो कई इलाकों में तबाही मच जाएगी, लेकिन शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के कोई इतंजाम नहीं किए।
बता दें कि सिंहधार वार्ड आपदाग्रस्त है। यहां 156 भवनों पर लाल निशान लग चुके हैं। पिछले दिनों यहां 20-22 फीट ऊंची और 10-12 फीट चौड़ी शिला आबादी की ओर झुक गई। इस शिला को खिसकने से रोकने के लिए सीबीआरआइ रुड़की की तकनीकी टीम की सलाह पर लोनिवि ने उसके निचले हिस्से में लोहे के पाइपों की टेक लगाई हुई है। कुल मिलाकर काम चलाऊ इंतजाम किया गया है, लेकिन डर बरकरार है। शिला के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में जमीन पर कई जगह दरारें आई हैं। शिला के आसपास मौजूद विशाल पत्थर भी लगातार खिसक रहे हैं। शिला के आसपास सैकड़ों परिवार बसे हुए हैं। ऐसे में शिला खिसकी तो अनहोनी हो जाएगी। जोशीमठ में बदरीनाथ हाईवे पर भी भूधंसाव का असर दिख रहा है। नगर से लगे हाईवे के 12 किमी हिस्से पर लगभग 25 जगह भूधंसाव का असर है। इसमें 10 स्थानों पर सड़क धंस रही है। जिसने आमजन के साथ ही शासन और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।