दलित छात्राएं अपनी अन्य सहेलियों संग मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं, तभी क्षेत्र के दो सवर्ण युवकों ने उन्हें रोक दिया। कहा कि दलित छात्राएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकतीं।
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कोमल नेगी
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Image: Dalit girls were prevented from entering the temple in Almora
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में जातिगत भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ महीनों पहले चंपावत के एक स्कूल के बच्चों ने दलित भोजनमाता के हाथ से बना खाना खाने से इनकार कर दिया था।
Dalit girls stopped from entering the temple in Almora
इसके बाद कई जगह दलितों को मंदिरों में प्रवेश से रोकने की घटनाएं भी हुईं। ताजा मामला अल्मोड़ा का है, जहां प्रकृति के पर्व फूलदेई के दिन नाबालिग दलित छात्राओं संग दो सवर्ण युवकों ने शर्मनाक हरकत की। ये छात्राएं अपनी अन्य सहेलियों संग मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं, तभी क्षेत्र के दो सवर्ण युवकों ने उन्हें रोक दिया। कहा कि दलित छात्राएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकतीं। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि जिले की शांति व्यवस्था को किसी भी सूरत में खराब नहीं होने दिया जाएगा। आगे पढ़िए
घटना सोमेश्वर की है, जहां नाबालिग दलित छात्राओं को एक शिव मंदिर में प्रवेश से रोकने का मामला सामने आया है। मामले की जांच रानीखेत पुलिस को सौंपी गई है। पुलिस के मुताबिक घटना 15 मार्च की है। सोमेश्वर के मालौज गांव की छात्राओं का आरोप है कि स्थानीय निवासी किशोर सिंह अधिकारी और सोबन सिंह ने उन्हें दलित बताते हुए मंदिर में नहीं जाने दिया। जातिगत टिप्पणी करते हुए, उन्हें मंदिर से बाहर कर दिया गया। घटना को लेकर मौके पर हंगामा भी हुआ। जिसके बाद छात्राओं ने इस मामले में सोमेश्वर थाने में तहरीर दी है। सीओ रानीखेत टीआर वर्मा ने कहा कि 15 मार्च को दलित छात्राओं को शिव मंदिर में प्रवेश से रोकने का मामला सामने आया है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।