Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
घरों में दरारें पड़ने के बाद ये लोग पुनर्वास केंद्रों और होटलों में शरण लिए हुए हैं, लेकिन अब क्योंकि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, ऐसे में इनके सामने एक बार फिर छत ढूंढने की चुनौती है। दरअसल चारधाम यात्रा के लिए होटलों की बुकिंग शुरू हो गई है। ऐसे में होटल मालिकों ने बेघर लोगों से 31 मार्च तक कमरे खाली करने को कह दिया है। प्रभावित लोग अब मदद के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। बता दें कि भूधंसाव बढ़ने के बाद जोशीमठ नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न होटल, धर्मशालाओं में 181 परिवार के 694 सदस्य रह रहे हैं। होटलों में सरकार एक कमरे के लिए 950 रुपये किराया दे रही है। जो लोग किराये के मकानों में रह रहे हैं उन्हें पांच हजार रुपये दिए जा रहे हैं। आपदा प्रभावितों के लिए खाने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार ने आपदा प्रभावित लोगों के होटलों में ठहरने की व्यवस्था 31 मार्च तक की थी। प्रभावितों का कहना है कि होटल मालिक अब उनसे कमरे खाली करने को कह रहे हैं। होटल मालिकों के सामने भी अपनी मुश्किलें हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए उन्हें भी कमरों की जरूरत है। कई होटल मालिकों ने सरकार की ओर से अब तक भुगतान न होने पर भी नाराजगी जताई है। आपदा प्रभावित टेंशन में हैं, हालांकि डीएम चमोली हिमांशु खुराना ने कहा है कि अगर कोई होटल स्वामी प्रभावितों को होटल छोड़ने के लिए कह रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। 31 मार्च के बाद भी किसी भी आपदा प्रभावित को होटलों से बाहर नहीं किया जाएगा। डीएम के अनुसार 30 अप्रैल तक प्रभावितों को होटलों में रखने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।