उत्तराखंड में भूकंप से कांपी धरती, वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी

उत्तरकाशी में साल 1991 में 6.4 तीव्रता के भूकंप में भारी नुकसान हुआ था। यहां पिछले कुछ समय से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं।
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Uttarkashi earthquake : Earthquake in Uttarkashi uttarakhand
Image: Earthquake in Uttarkashi uttarakhand

उत्तरकाशी: उत्तराखंड का उत्तरकाशी जिला एक बार फिर भूकंप के झटकों से कांप गया.

Earthquake in Uttarkashi

यहां तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर जब लोग नींद में थे, तभी धरती अचानक कांपने लगी। जिसके बाद डरे हुए लोग घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.40 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय के पास था। फिलहाल किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। आगे पढ़िए

जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सभी तहसीलों से जानमाल की सूचना लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले होली से ठीक पहले 5 मार्च को भी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसका केंद्र उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के ही निकट था। वैज्ञानिक पहले ही कह चुके हैं कि उत्तराखंड क्षेत्र में तुर्की-सीरिया से बड़ा भूकंप आने की आशंका है। उनका कहना है कि उत्तराखंड में जमीन के अंदर ज्यादा स्ट्रेस बन रहा है और इस तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ा भूकंप आ सकता है। वॉर्निंग दे दी गई है, हालांकि भूकंप के समय के बारे में वैज्ञानिक ठीक से जानकारी नहीं दे पाए हैं। इतना जरूर है कि विनाशकारी भूकंप कभी भी आ सकता है। उत्तराखंड में कम तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं। प्रदेश के चमोली में 1999 में 6.5, उत्तरकाशी में 1991 में 6.4 तीव्रता के भूकंप भारी नुकसान पहुंचा चुके हैं।