उत्तराखंड: घरों में काम करती है मां, पिता चलाते हैं नाव, बेटी ने किया इंटर में टॉप..बधाई दें

टिनशेड के घर में रहने वाली मीनाक्षी हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल में पढ़ी हैं, लेकिन जब उन्हें अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देनी पड़ी तो उन्होंने हार नहीं मानी।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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: GGIC Nainital Meenakshi Became Topper in CBSE Board
Image: GGIC Nainital Meenakshi Became Topper in CBSE Board

नैनीताल: मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर हर चुनौती को पार कर सफलता हासिल की जा सकती है।

GGIC Nainital Meenakshi Became Topper

नैनीताल की होनहार बेटी मीनाक्षी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में मीनाक्षी ने 72.2 परसेंट अंक हासिल किए। मीनाक्षी का अंक प्रतिशत भले ही कम हो, लेकिन उनकी ये सफलता कई मायनों में बेहद खास है। मीनाक्षी जीजीआईसी नैनीताल में 12वीं की परीक्षा में दूसरी टॉपर बनी हैं। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली मीनाक्षी के पिता मनोज कुमार नैनीताल में नाव चलाते हैं। घर-परिवार में आर्थिक परेशानियां हमेशा लगी रहती हैं, इसलिए मीनाक्षी की मां को भी घरों में में काम करना पड़ता है। आगे पढ़िए

टिनशेड के घर में रहने वाली मीनाक्षी हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल में पढ़ी हैं, लेकिन जब उन्हें अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देनी पड़ी तो मीनाक्षी ने हार नहीं मानी और खूब मेहनत करती रहीं। मीनाक्षी ने पढ़ाई के लिए किसी कोचिंग सेंटर की हेल्प नहीं ली, और सेल्फ स्टडी के दम पर शानदार सफलता हासिल की। इस तरह उन्होंने हर तरह की सुविधा के बीच पढ़ाई करने वाले बच्चों को भी अपनी सफलता से आईना दिखाया है। मीनाक्षी का परिवार स्टोनल कंपाउंड में रहता है। वो भविष्य में फ्लाइंग अफसर बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। राज्य समीक्षा टीम की ओर से उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।