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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के कई गांव गुलदार की दहशत से परेशान हैं। हालात इस कदर पैदा हो गए हैं कि कई गांव में बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं
लोग रोजमर्रा के काम नहीं कर पा रहे हैं, जाने कब कौन गुलदार का शिकार बन जाए यह कह नहीं सकते। हाल ही में चिन्यालीसौड़ के बड़ी मणि गांव बरोल उडारी गाड़ कुमराड़ा क्षेत्र में गुलदार ने एक महिला को अपना शिकार बना लिया तब से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। दरअसल 13 मई को बड़ी मणि गांव के पास गुलदार ने एक महिला को मार डाला। जिसके बाद से चिन्यालीसौड़ ब्लाक के दिचली पट्टी में गुलदार का आतंक बना हुआ है। जिसके बाद से गुलदार क्षेत्र के अलग-अलग गांव में दस्तक दे रहा है। 16 मई की शाम को कुमराड़ा गांव में पानी भरने गई एक महिला पर गुलदार झपटने को दौड़ा।वहीं कुमराड़ा गांव के निकट खेतों से लौट रहे बकरी के झुंड पर भी गुलदार ने झपट ने का प्रयास किया। आगे पढ़िए
वहीं राजकीय इंटर कॉलेज बल्डोगी के प्रधानाचार्य रमेश कोहली ने कहा कि दिचली पट्टी में गुलदार का आतंक बना हुआ है। ग्रामीण खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। वहीं 15 मई को गुलदार के डर से 25 छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं आए पाए थे। जबकि मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को कोई भी छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंचे हैं। चिन्यालीसौड़ के बड़ी मणि गांव, बरोल, उडारी गाड़, कुमराड़ा क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। राजकीय इंटर कॉलेज बल्डोगी और कन्या जूनियर हाई स्कूल बल्डोगी में शिक्षक तो पहुंच रहे हैं। लेकिन बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं। अभिभावकों ने साफ कहा है कि उनकी बच्चों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है और जब तक शिक्षा विभाग और वन विभाग उनके बच्चों के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं करता या तब तक वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनको जल्द से जल्द गुलदार के आतंक से निजात दिलाई जाए ताकि लोग वापस से अपने अपने कामों पर लौट सकें।