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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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टिहरी गढ़वाल: शुक्रवार का दिन उत्तराखंड के कई परिवारों के लिए दुखद खबर लेकर आया। यहां दो अलग-अलग सड़क हादसों में दस लोगों की मौत हो गई।
मरने वालों में पांच महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं। पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। गांव के कई घरों में चूल्हा नहीं जला। पहली घटना टिहरी के नैलचामी पट्टी क्षेत्र की है। जहां होल्टा गांव के पास कार बैक करते समय खाई में जा गिरी। हादसे में दंपती सहित पांच लोगों ने दम तोड़ दिया। दूसरा हादसा खटीमा के लोहियाहेड के पास हुआ, जहां अनियंत्रित कार शारदा नहर में जा गिरी। इसमें महिला, तीन बच्चों और चालक की डूबने से मौत हो गई। होल्टा गांव में रहने वाले गबर सिंह अपनी बहू के मायके गए हुए थे। शाम को वहां से सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। आगे पढ़िए
तभी सेंदुल-पटुड गांव-राजगांव मोटर मार्ग पर कार बैक करते समय अनियंत्रित हो गई और लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में गबर सिंह (63). उनकी पत्नी बबली देवी (59), तुलसी देवी (65) पत्नी भगवान सिंह, सोना देवी (55) पत्नी सरोप सिंह और उर्मिला देवी (50) पत्नी राय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गबर सिंह बीएसएनएल के रिटायर्ड कर्मचारी थे, वो 4 दिन पहले ही पत्नी के साथ अपने गांव होल्टा आए थे। इसी तरह का हादसा खटीमा में भी हुआ है। यहां लोहियाहेड निवासी द्रौपदी उर्फ दुर्गा (38) पत्नी स्व. विजेंद्र अपनी बेटी ज्योति (12) और नगरा तराई निवासी कार चालक मोहन सिंह धामी (40) के साथ गुरुवार देर शाम कार से अंजनिया (बुढ़ाबाग) निवासी भाई मोहन चंद के घर गई थी।