गढ़वाल में हसीन वादियों की खूबसूरती बिखेर रहा है स्वर्ग का फूल, जानिए इसकी बेमिसाल खूबियां

यूं तो गुलमोहर के फूल लाल, पीले और अन्य रंगों में भी देखने को मिलते हैं, लेकिन नीले गुलमोहर की खूबसूरती का कोई जवाब नहीं।
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Blue Gulmohar Garhwal: Blue Gulmohar flowers blossomed in Gopeshwar Pipalkoti
Image: Blue Gulmohar flowers blossomed in Gopeshwar Pipalkoti

चमोली: फूलों की घाटी के लिए मशहूर चमोली जिले में इन दिनों कुदरत का एक शानदार करिश्मा देखने को मिल रहा है। यहां गुलमोहर के नीले फूल खिले हैं।

Blue Gulmohar flowers blossomed in Gopeshwar

नीले गुलमोहर को स्वर्ग का फूल कहा जाता है। यूं तो गुलमोहर के फूल लाल, पीले और अन्य रंगों में भी देखने को मिलते हैं, लेकिन नीले गुलमोहर की खूबसूरती का कोई जवाब नहीं। जो भी इसे देखता है, वो इसे निहारता ही रह जाता है। स्वर्ग का फूल कहा जाने वाला नीला गुलमोहर इन दिनों चमोली जिले की रौनक बढ़ा रहा है। खास बात यह है कि लाल गुलमोहर गर्म और नीला गुलमोहर ठंडी जगह पर खिलता है। चमोली में इन दिनों पीपलकोटी से लेकर गोपेश्वर तक हर ओर नीले गुलमोहर के फूल नजर आ रहे हैं। जिसने पहाड़ों की खूबसूरती को और बढ़ा दिया है। आगे पढ़िए

गोपेश्वर के जीरो तिराहे के पास भी गुलमोहर के फूल खिले हैं, जिस वजह से इस तिराहे को लोग गुलमोहर तिराहा कहने लगे हैं। गुलमोहर का मूल ब्राजील माना जाता है, कुछ विशेषज्ञ इसे मेडागास्कर का भी मानते हैं। आज यह विश्व में कई जगह पाया जाता है। उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर को लाल गुलमोहर का शहर कहा जाता है। क्योंकि यहां लाल गुलमोहर के सैकड़ों पेड़ हैं। जबकि चमोली में हर जगह नीले गुलमोहर की छटा बिखरी हुई है। वनस्पति विज्ञानी इसे जैकेरेंडा मिमोसिफोलिया कहते हैं। गर्मियों में खिलने वाले इनके फूल बरबस ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चमोली के अलावा नैनीताल में भी नीले गुलमोहर के फूल खूब दिखाई देते हैं।