गढ़वाल में 70 साल के बुजुर्ग की हिम्मत देखिए, हाथ में कुदाल लेकर दो गुलदारों का किया सामना

Rikhanikhal Manwar Singh Rawat दो-दो बाघों के सामने होने के बाद भी पहाड़ी बुजुर्ग ने हिम्मत बनाए रखी और उनका डटकर मुकाबला किया।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Rikhanikhal Manwar Singh Rawat : Pauri Rikhanikhal Manwar Singh Rawat fight with two leopards
Image: Pauri Rikhanikhal Manwar Singh Rawat fight with two leopards

पौड़ी गढ़वाल: बाघ-गुलदार सामने हों तो अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है

Manwar Singh Rawat fight with two leopards

लेकिन रिखणीखाल के एक बुजुर्ग ने बाघ के सामने आने के बाद भी हिम्मत नहीं खोई। दो-दो बाघों के सामने होने के बाद भी पहाड़ी बुजुर्ग ने धैर्य बनाए रखा और उनका डटकर मुकाबला किया। वो कुदाल लेकर बाघों पर टूट पड़े। बुजुर्ग के साहस को देख बाघों को भी पीछे हटना पड़ा। इस तरह बुजुर्ग की जान तो बच गई, हालांकि वो घायल हुए हैं। घटना कोटद्वार के रिखणीखाल ब्लॉक की है। जहां सेरोगाड गांव में 70 साल के मनवर सिंह रावत अपने परिवार संग रहते हैं। गुरुवार को वो सुबह साढ़े सात बजे हाथ में कुदाल लेकर धान की पौध में पानी लगाने जा रहे थे। आगे पढ़िए

तभी रास्ते में घात लगाए बैठे दो गुलदार मनवर सिंह पर झपट पड़े। बुजुर्ग ने भी आव देखा न ताव, वो कुदाल से ही गुलदारों का मुकाबला करने लगे। इस दौरान गुलदारों ने उन पर कई बार हमले का प्रयास किया, लेकिन मनवर सिंह ने हर हमला विफल कर दिया। बाद में एक गुलदार भाग गया, लेकिन दूसरा गुलदार करीब 100 मीटर तक उनका पीछा करता रहा। गुलदार के हमले में बुजुर्ग का पांव जख्मी हो गया। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर पौड़ी के गडोली गांव में एक 10 साल की बच्ची पर गुलदार ने हमला कर दिया। बच्ची का एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा था, इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र के स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में आगामी 10 जून तक अवकाश घोषित किया गया है।