Uttarakhand Char Dham Yatra 2023 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यात्रा के दौरान जान गंवाने वालों में ज्यादातर यात्री बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी, एमपी और गुजरात से थे।
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कोमल नेगी
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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: 119 Devotees died in Uttarakhand Char Dham Yatra 2023
रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा...दुनिया की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक।
119 Devotees died in Uttarakhand Char Dham Yatra
यात्रा के लिए सिर्फ श्रद्धा ही नहीं सेहत का साथ होना भी जरूरी है, लेकिन तीर्थयात्री इस बात को समझ नहीं रहे। बीते साल चारधाम यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं को जान गंवानी पड़ी थी। सेहत की अनदेखी इनकी जान पर भारी पड़ गई। इस साल भी चारधाम यात्रा के 45 दिनों के भीतर 119 तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यात्रा के दौरान जान गंवाने वालों में ज्यादातर यात्री बंगाल, महाराष्ट्र, यूपी, एमपी और गुजरात से थे। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार ढाई हजार से अधिक यात्रियों को सांस लेने में परेशानी होने के कारण ऑक्सीजन सेवा भी प्रदान की गई। आगे पढ़िए
उत्तराखंड में 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा के शुरुआती 45 दिनों के अंदर ही देशभर के 119 श्रद्लुओं की जान चली गई। इनमें से 58 यात्रियों की मौत केदारनाथ यात्रा के दौरान हुई। खराब मौसम, जबरदस्त ठंड, हार्ट अटैक और अन्य कई बीमारियां लोगों की मौत की वजह बन रही हैं। चारधामों में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अब तक 20 लाख लोगों ने चारधाम में दर्शन किए हैं, जबकि 2.1 लाख लोगों ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान किया जा रहा इलाज प्राप्त किया। यात्रियों की मौत के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे Uttarakhand Char Dham Yatra 2023 पर जाने से पहले अपनी स्वास्थ्य की पूरी जांच कराएं। बीमार, बुजुर्ग, और 55 साल से अधिक उम्र वाले तीर्थ यात्रियों को हेल्थ जांच कराने के साथ ही हेल्थ स्क्रीनिंग फॉर्म पढ़ने की सलाह दी गई है।