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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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खटीमा: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सफर जोखिम भरा बना हुआ है। जगह-जगह सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसे की ताजा घटना खटीमा में सामने आई।
जहां राष्ट्रीय राजमार्ग चकरपुर-बनबसा जंगल के बीच जुरिया नाले के समीप एक कार सवार ने दो स्कूटी सवार चार लोगों को रौंद दिया। हादसे मे एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में तीन महिलाएं शामिल हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने सभी के शवों को सुरक्षित मोर्चरी में रखवा दिया है। साथ ही परिजनों को सूचना दे दी है। जानकारी के मुताबिक शनिवार की सुबह गोयल कॉलोनी मुडेली निवासी 60 वर्षीय नेम बहादुर चंद पुत्र देव बहादुर चंद अपनी पत्नी 55 वर्षीय धाना देवी उर्फ सरस्वती देवी, 27 वर्षीय बहू नर्मदा चंद एवं भाई की पत्नी 42 वर्षीय कल्पना चंद के साथ दो स्कूटी पर सवार होकर पड़ोसी देश नेपाल के महेंद्रनगर गए थे।
बताया जा रहा है कि वहां उनकी बहू का मायका है व अन्य रिश्तेदार भी रहते हैं। दोपहर में जब वह घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक कार ने जंगल के बीच जुरिया नाले के समीप उनकी दोनों स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी पर सवार दो महिलाएं छिटक कर रोड के किनारे झाड़ियों में जा गिरीं। वहीं एक्सीडेंट को अंजाम देने के बाद कार चालक वहां से तुरंत फरार हो गया। आस-पास के लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को 108 सेवा से अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अफसोस कि तीनों महिलाओं की मौत हो चुकी थी। घायल नेम बहादुर ने भी अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दिया। सभी मृतक एक ही परिवार के हैं। हादसे में मारी गई नर्मदा चंद के पति की एक साल पहले मौत हो चुकी है। परिवार इस गम से अभी उबरा भी नहीं था कि नर्मदा समेत परिवार के चार लोग एक हादसे में दुनिया छोड़कर चले गए। बहरहाल पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया है, मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।