गढ़वाल: 58 साल की दादी की हिम्मत को सलाम, पोतियों को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई

गुलदार जैसे ही बच्चियों पर झपटा, बूढ़ी दादी ने पोतियों को पीछे खींच लिया और खुद गुलदार के सामने आ गईं। आगे पढ़िए पूरी खबर
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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tehri Chandrama Devi leopard: Tehri Garhwal Chandrama Devi Fight With Leopard
Image: Tehri Garhwal Chandrama Devi Fight With Leopard

टिहरी गढ़वाल: गुलदार-बाघ सामने हों तो अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है, लेकिन उत्तराखंड की एक बूढ़ी दादी ने अपनी पोतियों को गुलदार से बचाने के लिए जो किया, आज वो पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Tehri Chandrama Devi Fight With Leopard

गुलदार जैसे ही बच्चियों पर झपटा, बूढ़ी दादी ने पोतियों को पीछे खींच लिया और खुद गुलदार के सामने आ गई। इस तरह दादी ने पोतियों की जान तो बचा ली, लेकिन घटना में वो खुद गंभीर रूप से घायल हुई हैं। मामला टिहरी जिले के प्रतापनगर ब्लॉक का है। बुधवार रात यहां रहने वाली 58 साल की चंद्रमा देवी घर के आंगन में काम कर रही थीं। उनकी करीब चार वर्ष की दो पोतियां वैष्णवी और रियांशी (चचेरी बहन) पास में ही बैठी थीं। तभी गुलदार आंगन में धमक पड़ा। आगे पढ़िए

गुलदार ने जैसे ही बच्चियों पर पंजा मारा, चंद्रमा देवी ने उन्हें पीछे खींच लिया और खुद गुलदार के सामने आ गईं। गुलदार चंद्रमा देवी को घसीटकर ले जाने लगा। इस बीच चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद गुलदार महिला को छोड़कर भाग गया। बाद में गुलदार के हमले में बुरी तरह से लहूलुहान हुईं चंद्रमा देवी को सीएचसी चौंड पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर जौलीग्रांट रेफर किया गया है। राहत वाली बात ये है कि चंद्रमा देवी की हालत खतरे से बाहर है। पूरे गांव में उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है। उन पर हमला करने वाले गुलदार ने कुछ ही देर बाद एक कुत्ते पर भी हमला किया। गुलदार के हमले की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।