अनुभूति उत्तराखंड की गूंज एक बार फिर से दिल्ली में, सुनपट और पाताल ती की स्क्रीनिंग रविवार को दिल्ली में, जानिए डिटेल्स
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Anubhuti uttarakhand movie screening in delhi
देहरादून: पिछले साल सितंबर में अनुभूति उत्तराखंड को दिल्ली ने खूब प्यार दिया था।
Anubhuti uttarakhand movie screening in delhi
उत्तराखंड के संस्कृति की खुशबू समेटे अनुभूति उत्तराखंड एक बार फिर से दिल्ली लौट आया है। इस बार म्यूजिक फेस्टिवल नहीं बल्कि उत्तराखंड की दो फिल्म्स की स्क्रीनिंग के साथ, जिनको नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर खूब प्यार मिला है। अनुभूति उत्तराखंड सिनेमा स्कूप के तहत आने वाले रविवार यानी कि 25 जून को दिल्ली में दो फिल्म्स " सुनपट " और " पाताल ती " का प्रीमियर होने जा रहा है। टिकट डिटेल्स, वेन्यू और बाकी डिटेल्स जानने से पहले इन दोनों फिल्मों की छोटी सी यात्रा हम आपको कराते हैं। उत्तराखंड के पहाड़ की संस्कृति एवं पलायन खानपान को दर्शाती गढ़वाली लांग शार्ट फिल्म सुनपट गोवा में हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया में चयनित हुई। 35 मिनट की पूरी शूटिंग बीरोंखाल क्षेत्र में 2020 वर्ष में की गई। मूल रूप से डांग गांव बीरोंखाल व वर्तमान में जवाहर कालोनी फरीदाबाद निवासी राहुल रावत ने निर्देशन के साथ फिल्म की कहानी लिखी है। पिछली बार हुई अनुभूति में इस फिल्म को दर्शकों ने खूब प्यार दिया था और इस फिल्म के बारे में कई पॉजिटिव रिव्यूज़ भी अनुभूति उत्तराखंड को लोगों के माध्यम से मिले थे। आगे पढ़िए
पाताल ती की बात करें तो 39वें बुसान अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (कोरिया) में पहली बार उत्तराखंड में बनी इस लघु फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। इस लघु फिल्म का दुनियाभर के 2548 फिल्मों में टॉप 14 में चयन हुआ है। यह लघु फिल्म भोटिया जनजाति की एक लोक कथा पर आधारित हैं। बुसान के प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल के चयन के बाद यह फ़िल्म चर्चाओं का विषय बन गई है। स्टूडियो यूके13 की टीम ने फिल्म का निर्माण किया है। फिल्म के निर्माता निर्देशक संतोष सिंह रावत और मुकुंद नारायण ने इस फिल्म में हिमालय क्षेत्र के एक गांव के जीवन का फिल्मांकन किया है। इस फिल्म के लिए टीम ने 20 दिन में 4500 मीटर की ऊंचाई तक 300 किमी से ज्यादा पैदल यात्रा की है। यह फिल्म भोटिया जनजाति की लोक कथा पर आधारित है जिसमें एक किशोर पोता अपने मरणासन दादा की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए भूत और भौतिक के बीच की दूरी को नापता है। फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर गजेंद्र रौतेला व सत्यार्थ प्रकाश शर्मा हैं। फिल्मांकन बिट्टू रावत व दिव्यांशु रौतेला ने किया है। आगे पढ़िए
इन दोनों फिल्मों की सबसे अच्छी और सबसे खास बात यह है कि यह इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के अंडर गई है और इसमें अभी किरदार वहीं के लोकल लोग हैं जिस वजह से इन दोनों फिल्मों में किसी भी प्रकार का बनावटीपन नहीं दिखता है और यह साफ तौर पर आपको उत्तराखंड की कहानी बयां करती हैं। अब बात करते हैं कि यह दोनों फिल्में दिल्ली में कहां पर और किस जगह पर लगेंगी। यह दोनों फिल्म्स की स्क्रीनिंग अनुभूति उत्तराखंड के तहत दिल्ली के बिपिन चन्द्र पाल भवन में हो रही है। 2 तरह की टिकट कैटेगरी हैं। गोल्ड टिकट का प्राइस 399 और सिल्वर का 299 रुपए है। शो के तीन टाइमिंग्स हैं, दोपहर 2:30, शाम 4:30 और फिर आखिरी शो 6:30 का है। दोनों फिल्म्स आपको एक ही शो के अंदर दिखाई जाएंगी। फिल्म स्क्रीनिंग से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप https://www.anubhutiuttarakhand.com की वेबसाइट देख सकते हैं। उत्तराखंड और उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़ीं सभी तरह की जानकारी हम आपसे समय समय पर साझा करते रहेंगे, मगर फिलहाल तो देवभूमि की समस्याओं से वाकिफ होने, वहां की भाषा और कल्चर को करीब से महसूस करने आप भी जल्द अनुभूति पहुँच जाइये।