उत्तराखंड कैबिनेट में फेरबदल की हलचलें तेज, गृहमंत्री अमित शाह से मिले CM धामी

चर्चा है कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री से सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तलब किया है। लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही धामी मंत्रिमंडल में एक बार फिर फेरबदल की चर्चा है।
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Uttarakhand cabinet reshuffle: Uttarakhand cabinet may be reshuffled
Image: Uttarakhand cabinet may be reshuffled

देहरादून: लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही धामी मंत्रिमंडल में एक बार फिर फेरबदल की चर्चा है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की थी।

Uttarakhand cabinet may reshuffled

देर रात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से फिर मुलाकात की। इस मुलाकात को प्रदेश मंत्रिमंडल में बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ये भी चर्चा है कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री से सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तलब किया है। ये मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई। उत्तराखंड में समान नागरिकता कानून का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। जिसके बाद सीएम धामी की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह पहली मुलाकात की है। ऐसे में माना जा रहा है कि मुलाकात के दौरान सीएम धामी ने UCC को लागू करने और कैबिनेट विस्तार को लेकर गृह मंत्री से चर्चा की है। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के कई मामलों को लेकर चर्चा हुई।

Pushkar Singh Dhami Meet Amit Shah

सोमवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों एवं सीमित वित्तीय संसाधनों के दृष्टिगत बाह्य सहायतित परियोजनाओं की ऋण राशि पर लगाई गई सीमा को हटाने का अनुरोध किया। साथ ही सौंग बांध पेयजल परियोजना के लिए भारत सरकार से विशेष सहायता के तहत 1774 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। मंगलवार को सीएम धामी ने गृहमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर है। बता दें कि पिछले साल जब धामी सरकार का गठन हुआ था, तब तीन मंत्री पद खाली रखे गए थे। कहा गया कि इन्हें जल्द भरा जाएगा, पर ऐसा हुआ नहीं। कुछ दिनों पहले कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास का अचानक निधन हो गया। जिसके बाद मंत्रिमंडल में रिक्त पदों की संख्या चार हो गई है। मंत्री पद खाली होने की वजह से कई विभागों के कामकाज पर असर पड़ रहा है।