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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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हरिद्वार: मेहनत न करने के सौ बहाने हैं मगर मेहनती लोग बिना किसी शिकायत के पूरी लगन के साथ कड़ी मेहनत करते हैं। कितने ही दिव्यांग लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी कमी को ही अपनी शक्ति बना दिया।
आज हम आपको एक ऐसे ही प्रतिभाशाली व्यक्ति से मिलवाने जा रहे हैं।लक्सर विकासखंड के दाबकी कला गांव निवासी दिव्यांग दिग्विजय सिंह ने पूरी दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उन्होंने मोटर स्पोर्ट्स में लगातार चौथी बार विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए सीएम धामी ने उन्हें देहरादून बुलाकर सम्मानित किया है। सीएम ने विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया है। आगे पढ़िए
दरअसल लक्सर विकासखंड के दाबकी कला गांव निवासी स्वर्गीय डॉ. जितेंद्र कुमार के बेटे दिग्विजय सिंह दिव्यांग हैं, लेकिन उन्हें कार रेस, स्कूटर राइड का बेहद शौक है। इसी के चलते उन्होंने कई बार कार रेस और स्कूटर राइडिंग में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। अभी पिछले दिनों आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इंटरनेशनल राइड आयोजित की गई थी। ये इंटरनेशल राइड नई दिल्ली से नेपाल तक थी, जिसकी दूरी लगभग 2609 किलोमीटर थी। इसमें उन्होंने मोटर स्पोर्ट्स में विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उनका नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो गया है, जिसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें अपने सीएम हाउस बुलाकर विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया है।