रुद्रप्रयाग से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुन आप भी सास-बहू के रिश्ते को लेकर अपनी सोच बदल लेंगे। हर लड़की यही दुआ करेगी कि उसे जानकी देवी जैसी सास मिले।
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Mother-in-law fought with leopard to save daughter-in-law in Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: सास-बहू के रिश्ते में प्यार होता है, तो तकरार भी। आज के दौर में सास द्वारा बहू को दहेज के लिए जलाने या प्रताड़ित करने की खबरें खूब सुनाई देती हैं
Rudraprayag Janaki Devi fought with Leopard
लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ी जिले रुद्रप्रयाग से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुन आप भी सास-बहू के रिश्ते को लेकर अपनी सोच बदल लेंगे। हर लड़की यही दुआ करेगी कि उसे जानकी देवी जैसी सास मिले। अगस्त्यमुनि के फलई गांव में रहने वाली 62 साल की जानकी देवी ने अपनी बहू को बचाने के लिए खुद की जिंदगी दांव पर लगा दी। एक गुलदार ने बहू पूनम देवी पर हमला कर दिया था। ऐसे वक्त में अच्छे-अच्छों की हिम्मत जवाब दे जाती है, लेकिन जानकी देवी ने धैर्य नहीं खोया और बहू को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गईं। अच्छी बात ये है कि जानकी देवी और पूनम देवी दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन गुलदार के हमले में बुजुर्ग जानकी देवी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म हुए हैं।
उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। बहू पूनम भी घायल है, पर उसकी हालत में सुधार है। घटना गुरुवार की है। जानकी देवी पत्नी सते सिंह राणा अपनी बहू पूनम के साथ जंगल में घास काट रही थी। तभी झाड़ियों में छिपे गुलदार ने पूनम पर हमला कर दिया। यह देख जानकी देवी चिल्लाते हुए गुलदार से भिड़ गईं। इस पर गुलदार ने पूनम को छोड़ दिया और जानकी देवी को घसीट कर ले जाने लगा। ये देख दूसरी महिलाएं शोर मचाने लगीं। जानकी देवी ने भी गुलदार पर दरांती से हमला शुरू कर दिया। जानकी की हिम्मत देख गुलदार को पीछे हटना पड़ा और वो उन्हें छोड़कर जंगल में भाग गया। बाद में जानकी और पूनम को अस्पताल पहुंचाया गया। जानकी देवी के सिर में कई टांके लगाए गए। उनके चेहरे, पीठ और पैरों पर भी गहरे जख्म हैं। जानकी देवी और पूनम का अस्पताल में इलाज चल रहा है।