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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में आपदा जैसे हालात बन रहे हैं। रविवार की रात को उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों सहित उच्च हिमालय क्षेत्र में भी जमकर वर्षा हुई है।
वर्षा के कारण हर्षिल नदी उफान पर है। जालंद्री नदी पर हर्षिल के निकट एक पुलिया बह गई है। यह पुलिया हर्षिल से क्यारकोटी बुग्याल सहित लम्खागा पास को जोड़ती थी। पुलिया बहने के कारण क्यारकोटी बुग्याल व लम्खागा क्षेत्र से संपर्क कट गया है। जनपद में वर्तमान समय में एक राज्य मार्ग सहित 10 ग्रामीण मार्ग बंद हैं और 25 से अधिक गांव में बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग में डबरकोट के पास पहाड़ी से जबरदस्त भूस्खलन हो रहा है और रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं। आगे पढ़िए
डाबरकोट में आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुनगर के पास भी रविवार की देर रात को राजमार्ग अवरुद्ध हुआ था। बीआरओ ने सोमवार सुबह 6:30 बजे सुचारू किया। इस स्थान पर भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं जिस्सेबयहां दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यहां आना खतरे से खाली नहीं है। मौसम विभाग ने ज्यादातर जिलों में सोमवार को भारी वर्षा को लेकर ऑरेंज अलर्ट, जबकि मंगलवार और बुधवार को कहीं-कहीं भारी से अत्यंत भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। आने वाले कुछ दिन मूसलाधार बरसात होगी। ऐसे में हमारी अपील है कि पहाड़ों पर यात्रा करने से बचें और सुरक्षित रहें।