ग्रामीणों ने कहा कि अगर नदियां इसी तरह उफान पर रहीं तो सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Uttarkashi Heavy Rain Weather Update Jalandhari River Overflow
उत्तरकाशी: उत्तराखंड में आफत की बारिश का कहर जारी है। जगह-जगह भूस्खलन होने से सड़कें बंद हैं।
Uttarkashi Heavy Rain Weather Update
बीते 24 घंटे में ही भूस्खलन और मलबा आने से 241 सड़कें बंद हुई हैं, इनमें से 160 सड़कें एक दिन पहले से बंद थीं, जबकि 81 सड़कें रविवार को बंद हुईं। बारिश की वजह से पहाड़ी जिलों में रहने वाले लोग परेशान हैं। उत्तरकाशी जिले में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते हर्षिल और बगोरी गांव के बीच में बहने वाली जालंधरी नदी उफान पर आ गई। जिससे हर्षिल-क्यारकुटी ट्रैक को जोड़ने वाला पुल बह गया। वहीं यमुना नदी का रुख यमुना मंदिर परिसर की ओर बढ़ गया है, जिससे पुरोहित समाज चिंतित है। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आगे पढ़िए
ग्रामीणों ने कहा कि अगर नदियां इसी तरह उफान पर रहीं तो सेब के बगीचों के साथ ही पर्यटन विभाग के हट्स को बड़ा नुकसान हो सकता है। मौसम की मार पहाड़ की सड़कों पर भी पड़ी है। बीते 24 घंटों में प्रदेश में भूस्खलन से 241 सड़कें बंद हुईं, रविवार देर शाम तक 70 सड़कों को किसी तरह खोल दिया गया था, लेकिन 171 सड़कें अब भी बंद हैं। बंद सड़कों में 16 स्टेट हाईवे, सात मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला मार्ग, 80 ग्रामीण सड़कें और 64 पीएमजीएसवाई की सड़कें शामिल हैं। सड़क बंद होने से कई गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। लोनिवि अधिकारियों ने बताया कि बारिश के चलते बाधित हुई सड़कों को सुचारु करने के लिए 166 जेसीबी, पोकलेन, चेन डोजर आदि मशीनों को लगाया गया है। प्रदेश में 12 जुलाई तक के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।