Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
देहरादून: दिल्ली में यमुना नदी का स्तर बरसात से काफी अधिक बढ़ गया है। पुरानी दिल्ली पूरी तरह से बाढ़ में डूब गई है।
दिल्ली में आई बाढ़ का असर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों पर भी पड़ा है। यात्रियों की संख्या में तेजी से गिरावट हुई है। आईएसबीटी देहरादून से दिल्ली के लिए चलने वाली बसों में गिने-चुने यात्री ही जा रहे हैं। बाढ़ के डर से लोग बसों में सफर करने से कतरा रहे हैं। यात्रियों की संख्या कम होने के कारण रोडवेज के कई बस चालक दिल्ली जाने से बच रहे हैं, इस कारण यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दिल्ली आईएसबीटी में उत्तराखंड परिवहन निगम के प्रभारी रोहताश ने बताया कि कांवड़ यात्रा के कारण पहले से ही दिल्ली जाने वाली बसें प्रभावित हो रही थीं और अब दिल्ली आईएसबीटी में जलभराव होने के कारण करीब 150 बसें सिंघु बॉर्डर तक जाकर लौट रहीं हैं। आगे पढ़िए
इसके आगे बसों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। दरअसल देहरादून के पर्वतीय, ग्रामीण और हरिद्वार, ऋषिकेश से दिल्ली के लिए रोज डेढ़ सौ बसें जाती हैं। इनमें प्रतिदिन 11 हजार लोग सफर करते हैं। पहले कांवड़ यात्रा के कारण बस सेवा प्रभावित रही और अब दिल्ली में बाढ़ के कारण यात्रियों की संख्या घटकर तीन से चार हजार रह गई है। कांवड़ यात्रा के कारण पहले ही दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें सहारनपुर, गंगोह, करनाल, पानीपत और सोनीपत होते चलाई जा रही हैं। इससे बसों को लंबा सफर तय करने के साथ ही अतिरिक्त ईंधन खर्च करना पड़ रहा है। इससे रोडवेज को 70 फीसदी तक नुकसान उठाना पड़ रहा है। और अब यात्रियों की कमी के कारण बस सेवा प्रभावित हो रही है।