केदारनाथ धाम में अभद्र रील बनाने वालों की दुकान बंद, मोबाइल पर लगा बैन

Mobile ban in kedarnath केदारनाथ को मिला इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर्स से छुटकारा, मंदिर परिसर में मोबाइल हुआ बैन
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Mobile ban in kedarnath: mobile ban in kedarnath
Image: mobile ban in kedarnath

रुद्रप्रयाग: बीते कुछ सालों से केदारनाथ रील का अड्डा बन गया था। जो लोग रील लाइफ की जगह रियल लाइफ का अनुभव करने केदारनाथ जाते हैं, उनको भी यह इंस्टाग्राम के इंफ्लुएंसर्स की वजह से काफी दिक्कतें होती हैं।

Mobile ban in kedarnath

कभी जगह जगह ये लोग वीडियो बनाकर नाचते हुए नजर आ जाते हैं तो कभी मंदिर के सामने किसी को प्रपोज करते हुए। कोई अपने कुत्ते को केदारनाथ लाकर रील बनाता है तो कोई मंदिर परिसर में नाचते हुए रील बनाता है। कुल मिला कर केदारनाथ और केवल दिखावे का घर बन गया है जहां पर आकर लोग यह दिखाते हैं कि वे भोलेनाथ के कितने बड़े भक्त हैं। मगर सच कहें तो यह धार्मिक स्थल और तमाम मंदिर आस्था का प्रतीक हैं और आस्था कभी भी रील के जरिए नहीं दिखाई जाती है। बस इसीलिए केदारनाथ में एक बड़ा फैसला लिया गया है। जी हां केदारनाथ में अब मोबाइल फोन ले जाने पर बैन लगा दिया है। साथ ही मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो बनाना भी बैन कर दिया है। दरअसल बीते कुछ दिनों से केदारनाथ मंदिर से कई विवादास्पद वीडियो वायरल हुए थे। ऐसे में वीडियो वायरल होने के बाद केदारनाथ मंदिर में फोन लेकर प्रवेश करने फोटो लेने और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Warning board in kedarnath

मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने इस संबंध में मंदिर परिसर में जगह-जगह बोर्ड लगा दिए हैं जिनमें यह साफ तौर पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है कि मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश ना करें। मंदिर के भीतर किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पूर्णतः वर्जित है और आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं। दरअसल हाल ही में गढ़वाल हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर में बनाए गए कई ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे थे उनको लेकर तीर्थ पुरोहितों से लेकर आम श्रद्धालुओं और कई सोशल मीडिया चलाने वाले लोगों ने आपत्ति जाहिर की थी और धार्मिक स्थानों पर ऐसी चीजों को गलत ठहराया था। वीडियो में मंदिर परिसर में अपने पुरुष मित्र को घुटनों के बल बैठकर प्रपोज करती एक महिला ब्लोगर दिखाई दी थी। वहीं एक अन्य वीडियो में मंदिर के गर्भ गृह में एक महिला नोट उड़ाते हुए नजर आई थी। इसके बाद बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र अजय ने कहा कि धार्मिक स्थलों की अपनी एक गरिमा मान्यताएं और परंपरा होती है और श्रद्धालुओं को उन परंपराओं का पालन करना चाहिए। ऐसे में उन्होंने कहा कि अब केदारनाथ में मोबाइल फोन लाना पूरी तरह बैन कर दिया गया है।