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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा बीते दिनों घोषित किए गए पटवारी/ लेखपाल भर्ती परीक्षा के परिणामों में राज्य के कई युवाओं ने सफलता हासिल की।
इन्हीं के बीच हम आपको राज्य की एक ऐसी होनहार बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं जिनको बचपन से ही पिता का साथ नहीं मिला। और उन्होंने घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपनी मेहनत एवं लगन से एक नहीं दो नहीं बल्कि 3 सरकारी नौकरियो की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग तहसील क्षेत्र के डोब गांव निवासी मुस्कान ममगांई की, जिन्होंने फॉरेस्ट गार्ड, उत्तराखंड पुलिस एवं पटवारी भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करके क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है। मगर मुस्कान के लिए यह राह आसान नहीं थी। बचपन में ही उनके परिवार की खुशियां छिन गई थीं। मुस्कान जब ढाई वर्ष की थी तो उनके पिता बृजमोहन ममगांई का एक्सीडेंट हो गया जिसके बाद उन्होंने लगभग 14-15 साल बिस्तर पकड़ लिया। आगे पढ़िए
इसी दौरान वर्ष 2016 में उनका निधन हो गया। पिता के निधन के पश्चात उनकी मां पुष्पा देवी ने ही बड़े संघर्ष से बच्चों का लालन पालन किया। मुस्कान ने भी दृढ़ निश्चय लिया कि वे भी जीवन में कुछ बड़ा हासिल करेंगी और अपनी मां के इस संघर्ष को व्यर्थ नहीं जाने दिया तथा अपनी मेहनत एवं लगन से इन सभी परीक्षाओं को सेल्फ स्टडी से ही उत्तीर्ण किया है। जहां आजकल के युवा तमाम सुविधाओं के बीच भी मेहनत करने से कतराते हैं, ऐसे में मुस्कान जैसे युवा प्रेरणा हैं जिन्होंने कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल किया है। मुस्कान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ललूडीखाल इंटर कॉलेज टिहरी गढ़वाल से प्राप्त करने के उपरांत हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर से स्नातक और परास्नातक की डिग्री हासिल की है। मुस्कान ने पुलिस सेवा में जाने का निर्णय लेते हुए उत्तराखंड पुलिस ज्वाइन कर चुकी हैं और हरिद्वार में उनकी ट्रेनिंग चल रही है।