रिखणीखाल वाले सावधान हो जाएं, यहां फिर सक्रिय हो गया गुलदार, इस बार महिला को मार डाला

Riknikhal Leopard Killed Woman ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की नजर में आदमखोरों की जान महंगी और इंसानों की जान सस्ती हो गई है। लोगों की मौत हो रही है और सरकार गुलदार-बाघ बचाने में लगी है।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Riknikhal Leopard Killed Woman: Leopard Killed Woman in Pauri Garhwal Rikhnikhal
Image: Leopard Killed Woman in Pauri Garhwal Rikhnikhal

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी जिले का रिखणीखाल ब्लॉक...इस क्षेत्र में आदमखोर गुलदार के डर से स्कूल कई दिनों तक बंद रहे। लोगों ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था।

Leopard Killed Woman in Rikhnikhal

पिछले कुछ हफ्ते शांति से गुजरे लेकिन अब यहां गुलदार फिर सक्रिय हो गया है। क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए ने एक महिला को निवाला बना लिया। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना झरत गांव की है। जहां कन्हैया लाल की पत्नी बिशंबरी देवी को नरभक्षी गुलदार ने मार डाला। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में जिम्मेदार महकमों और मातहतों को लेकर नाराजगी है। उत्तराखंड में इन दिनों गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक गुलदार और बाघ आतंक का सबब बने हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में नैनीडांडा, रिखणीखाल, पौड़ी और चमोली में गुलदार ने कई लोगों को अपना निवाला बनाया है। आगे पढ़िए

नरभक्षी हो चुके गुलदार को मारने के लिए वन विभाग ने शिकारी भी तैनात किए और पिंजरे भी लगाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। रिखणीखाल, बीरोंखाल और नैनीडांडा में गुलदार खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार की नजर में आदमखोरों की जान महंगी और इंसानों की जान सस्ती हो गई है, ऐसा न होता तो सरकार बाघों और तेंदुओं की सुरक्षा के लिए भविष्य में पेशेवर शिकारियों को नियुक्त न करने का फैसला नहीं लेती। गुलदार-बाघ के हमले में स्कूल बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग जान गंवा रहे हैं। खुलेआम घूम रहे गुलदार लोगों के लिए डर का सबब बने हुए हैं। अब रिखणीखाल में गुलदार ने बिशंबरी देवी (Riknikhal Leopard Killed Woman) को मार डाला। ऐसा कब तक चलेगा। भयभीत ग्रामीणों ने नरभक्षी गुलदार को पकड़ने या तुरंत मारने की मांग की है, ताकि वो सुकून से रह सकें।