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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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पौड़ी गढ़वाल: पर्वतीय क्षेत्रों में रह रहे लोग गुलदार-बाघ के आतंक के साये में जीने को मजबूर हैं..
मामला कोटद्वार क्षेत्र का है। जहां चौबट्टाखाल के कई इलाकों में गुलदार की धमक बनी हुई है। यहां गुलदारों के कई झुंड नजर आ रहे हैं। हाल ये हो गए हैं कि लोगों ने शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया हैं। महिलाएं घास लेने के लिए जंगल नहीं जा पा रहीं। किमगड़ी और गवाणी के आसपास गुलदार चहलकदमी करते नजर आते हैं। आगे पढ़िए
ग्रामीणों ने वन महकमे से गुलदारों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की मांग की है। इस इलाके में गुलदार कई लोगों पर हमला भी कर चुका है। तीन अगस्त को यहां एक शिक्षिका सुनीता नवानी स्कूटी से घर लौट रही थीं। तभी चौबट्टाखाल-गवाणी मोटर मार्ग पर गुलदार उन पर झपट पड़ा। गनीमत रही की स्कूटी की रफ्तार तेज थी, जिस वजह से गुलदार नाकाम हो गया। इस घटना के बाद से इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि क्षेत्र में गुलदारों के झुंड घूम रहे हैं, जो कि राह चलते वाहनों पर झपट्टा मार रहे हैं। कई बार गुलदार के डर से दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो चुके है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की। साथ ही ऐसा न करने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।