देश का एक ऐसा मंदिर जो साल के पूरे 364 दिन रहता है बंद, केवल रक्षा बंधन के दिन ही खुलते हैं यहां के कपाट
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Uttarakhand Urgam Valley Bansi Narayan Temple Story
चमोली: उत्तराखंड का ज़िक्र हो और उसके मंदिरों का ज़िक्र न हो, यह तो मुमकिन नहीं है।
Urgam Valley Bansi Narayan Temple Story
उत्तराखंड के मंदिर अपने अंदर रहस्य और अपनी एक अलग कहानी छिपाए हैं। हर किसी की अपनी अलग कहानी है। भारत के प्राचीन इतिहास में कई ऐसे रोचक बातें छिपी हुई हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा। हम समय-समय पर आपतक ऐसे मंदिरों से जुड़ी खबरें पहुंचते रहते हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि साल में सिर्फ एक बार यानी कि रक्षाबंधन के दिन खुलता है और यह मंदिर 1 दिन खुलने पर भक्तों से घिरा रहता है। यह उत्तराखंड का एक ऐसा मंदिर है, जिसको लेकर कहा जाता है कि यहां के कपाट केवल और केवल रक्षाबंधन के दिन ही खुलते हैं।
हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के चमोली जिले की उर्गम घाटी पर मौजूद बंसीनारायण मंदिर की। कहते हैं कि इस मंदिर के कपाट पूरे साल बंद रहते हैं, लेकिन केवल एक दिन यानी रक्षाबंधन के दिन ही खोले जाते हैं। रीती रिवाजों के अनुसार, यहां की महिलाएं और लड़कियां भाईयों को राखी बांधने से पहले भगवान की पूजा करती हैं। ऐसा कहते हैं कि यहां भगवान श्री कृष्ण और शिव जी की प्रतिमा स्थापित हैं। इस मंदिर से जुड़ी एक प्राचीन कहानी भी है। मान्यता है कि विष्णु अपने वामन अवतार से मुक्त होने के बाद सबसे पहले यही प्रकट हुए थे। इसके बाद से ही यहां देव ऋषि नारद भगवान नारायण की पूजा की जाती है। इसी वजह से यहां पर लोगों को सिर्फ एक दिन ही पूजा करने का अधिकार मिला हुआ है। यह उत्तराखंड का एकमात्र मंदिर है जो साल में एक बार रक्षा बंधन के दिन खुलता है। उत्तराखंड के कई ऐसे मंदिरों के बारे में रोचक खबरें जानने के लिए आप राज्य समीक्षा से जुड़े रहें।