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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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जिले के पुरोला, बड़कोट, मोरी में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र बड़कोट स्यालना के जंगलों में जमीन से पांच किमी नीचे था। इससे गहरी नींद में सो रहे लोग तेज झटके से कांप उठे। लोग तुरंत ही घर छोड़कर बाहर भागे। यह भूकंप रात को 3.49 मिनट पर उत्त्तरकाशी के यमुनाघाटी में आया। जनपद के तहसील पुरोला, बड़कोट, मोरी में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। गहरी नींद में सोए हुए लोग जागे और तुरंत बाहर की ओर भागे। फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। आपको बता दें कि भूकंप के लिहाज से उत्तराखंड को बेहद संवेदनशील जोन में रखा गया है। यहां कभी भी विनाशकारी भूकंप आ सकता है।