मौसम विभाग ने ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
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कोमल नेगी
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Image: Uttarakhand suffered a loss of Rs 1417 51 crore due to the disaster
हरिद्वार: उत्तराखंड को एक बार फिर कुदरत के कहर का सामना करना पड़ रहा है। इस बार मानसून में आई आपदा से प्रदेश को 1417.51 करोड़ का नुकसान हुआ है।
Uttarakhand suffered a loss of Rs 1417.51 crore
गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान हुआ। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कई जगह पुल टूट गए। मानसून में हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 657.37 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिले में सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कई जगह पुल टूट गए, भारी बारिश से गन्ने की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई। सचिव आपदा प्रबंधन रंजीत सिन्हा ने कहा, आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। भारी बारिश से गन्ने की फसल को सबसे अधिक 464.49 करोड़ का नुकसान हुआ। इतना ही नहीं पीएमजीएसवाई की सड़कों को 132.13 करोड़ का नुकसान हुआ।
लोक निर्माण विभाग की सड़कें क्षतिग्रस्त होने और जगह-जगह पुल टूटने से 424.73 करोड़ का नुकसान हुआ। प्रदेश के दूसरे विभाग भी आपदा की वजह से करोड़ों का नुकसान उठा रहे हैं। सिंचाई विभाग को 76.42 करोड़, वन विभाग को 24.76 करोड़, पंचायती राज विभाग को 45.88 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसी तरह यूपीसीएल को 34.22 करोड़, पेयजल निगम को 13.68 करोड़, जल संस्थान को लाइनें क्षतिग्रस्त होने से 38.05 करोड़ का नुकसान हुआ है। जगह-जगह राजमार्ग में मलबा आने और उसके क्षतिग्रस्त होने से 52.85 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा स्वास्थ्य, मत्स्य आदि विभागों को भी नुकसान हुआ है।आज भी प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।