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जिस तरह जोशीमठ शहर भूधंसाव से जूझ रहा है, उसी तरह नैनीताल में भी भूस्खलन शुरू हो गया है। शनिवार को यहां एक दो मंजिला इमारत ढह गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने चार्टन लॉज क्षेत्र में 24 घरों पर लाल निशान लगाकर मकान खाली करवा दिए। रविवार को जो लोग अपने घरों में रह रहे थे, कुछ ही घंटों में आपदा प्रभावित बन गए। लोगों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर गुस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सुरक्षा कार्यों के बजाए लोगों के घर तोड़ने की योजना बना रहा है। रविवार को अयारपाटा में रह रहे परिवारों को विकास प्राधिकरण व प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए। जिसके बाद कुछ परिवारों को प्रशासन ने होटलों में रुकवाया है, जबकि कुछ लोग अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। नैनीताल में अब तक 24 परिवारों ने घर छोड़े हैं।
शनिवार को यहां एक दोमंजिला मकान ढह गया था, जिसकी चपेट में आने से तीन अन्य घर भी दब गए थे। इसके बाद आस-पास के मकान खाली करा दिए गए। दशकों से रह रहे 24 परिवारों ने रविवार को गम और गुस्से के बीच अपने-अपने घरों को खाली कर दिया। जिला प्रशासन और नैनीताल विकास प्राधिकरण ने भी इन सभी चिह्नित परिवारों को नोटिस थमाकर तीन दिन के भीतर अपना पूरा सामान घरों से हटाने को कहा है। भूस्खलन की वजह से जिन घरों की बुनियाद पर असर आ रहा है, वहां पर रेत के कट्टे डालकर अस्थाई रूप से सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें तीन दिन में घर खाली करने को कह दिया गया है। हमारे घरों पर निशान लगा दिए गए हैं। आखिर ये कैसे संभव है कि हम घर छोड़कर चले जाएं। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है।