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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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साल 1942 में यहां पर पांच सौ से ज्यादा कंकाल पाए गए थे, तब से ये झील कंकाल झील के नाम से पहचानी जाने लगी। चमोली में स्थित रूपकुंड में रहस्य है और साथ ही रोमांच भी। चारों तरफ पर्वतों की घाटियां इस जगह को और भी ज्यादा शानदार बना देती हैं। ये हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल और नंदघुंगटी के तल के पास स्थित है। आज हम आपको रूपकुंड झील के साथ ही इस रोमांचक ट्रैक के बारे में जानकारी देंगे। इस रहस्यमयी झील के पास दूर-दूर तक घने जंगल हैं। रूपकुंड ट्रैक पर लोग अक्सर ट्रैकिंग करने पहुंचते हैं। आगे पढ़िए
यहां आसपास कुछ मंदिर हैं, साथ ही गहरी ढलानों पर बहते झरने इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। रूपकुंड जाने के लिए आपको सबसे पहले हरिद्वार, फिर ऋषिकेश और देवप्रयाग पहुंचना होगा। वहां से श्रीनगर गढ़वाल होते हुए कर्णप्रयाग और फिर थराली जाएं। इसके बाद देवाल और फिर वांण-बेदनी बुग्याल होते हुए आप बखुवाबासा पहुंचेंगे। यहां से आपको केलू विनायक जाना होगा, इस तरह आप रूपकुंड पहुंच जाएंगे। रूपकुंड करीब 16 हजार फीट ऊंचाई पर है। यहां झील में मिलने वाले कंकाल 12वीं और 15वीं सदी के बीच के बताए जाते हैं। अगर कुछ दिनों के लिए खुद के साथ समय बिताने की सोच रहे हैं और सोलो ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो रूपकुंड ट्रैक आपके लिए अच्छा ऑप्शन है।