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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बाघ-गुलदार लोगों के लिए काल बने हुए हैं।
बीते दिन पौड़ी में बाघ ने एक महिला को मार डाला और अब एक बुरी खबर देवप्रयाग से आई है। यहां गुलदार ने दस साल के बच्चे पर हमला कर दिया। गुलदार ने बच्चे को मुंह में दबोचकर पास के पेड़ पर फेंक दिया। इससे पहले गुलदार उसे अपना निवाला बनाता उसकी बहन ने चिल्लाना शुरू कर दिया। जिसके बाद गुलदार वहां से भाग गया। इस हमले में बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वो गंभीर रूप से घायल है। घायल बच्चे को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना गोसिल गांव की है। आगे पढ़िए
बुधवार देर शाम यहां दस वर्षीय जसप्रीत अपनी बहन के साथ मवेशियों के लिए घास लेने गया था। तभी गुलदार ने जसप्रीत पर हमला कर दिया। बच्चे के पिता सुशीलदास ने बताया कि गुलदार जसप्रीत को मार ही डालता, लेकिन तभी उसकी बहन ने चिल्लाना शुरू कर दिया। बच्ची का शोर सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद गुलदार बालक को छोड़ भाग निकला। हमले के दौरान गुलदार ने बच्चे के सिर, चेहरे पर नाखूनों से वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। बच्चे को पहले श्रीनगर और फिर एम्स रेफर किया गया, लेकिन बेड न मिलने की वजह से उसे देहरादून के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वन अधिकारियों ने कहा कि डॉक्टरों ने बच्चे के सिर के ऑपरेशन की बात कही है। प्रभावित गांव में वन कर्मियों की टीम तैनात की जा रही है, पिंजरा भी लगाया जाएगा। बच्चे के इलाज का खर्चा वन विभाग उठाएगा।