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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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श्रीनगर गढ़वाल: राज्य सरकार लोगों से पलायन न करने की अपील कर रही है, लेकिन सच कहें तो अब पहाड़ों में रहना मुश्किल हो गया है। प्रदेशभर में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं हो रही हैं।
लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। बुधवार को श्रीनगर में कीर्तिनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत नौर में घास लेने जंगल गई एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। इस दौरान महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाली महिला का नाम लक्ष्मी देवी है। 55 साल की लक्ष्मी देवी के पति का पहले ही निधन हो चुका है। बुधवार को सुबह 9 बजे वो घास लेने जंगल गई थीं। तभी घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। आगे पढ़िए
लोग घर से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष में इस वर्ष अब तक 40 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 13 लोगों की जान गुलदार ने ली है। वहीं, वर्ष 2000 से अब तक गुलदार के हमले में 514 लोगों की जान गई है, जबकि 1868 लोग घायल हुए हैं। गुलदार की मौत की बात करें तो वर्ष 2000 से अब तक 1741 गुलदारों की मौत रिकॉर्ड में दर्ज है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी गुलदार के हमले की घटनाएं हुई हैं। लोग कह रहे हैं कि सरकार ने बाघ-गुलदार की रक्षा के लिए कानून बना रखे हैं, लेकिन इंसान की जान की कोई कीमत नहीं। गुलदार के डर से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे। लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।