उत्तराखंड में कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जो पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। इन पर्यटन स्थलों की खूबसूरती देखते ही बनती है।
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कोमल नेगी
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Best Place to Visit in Uttarakhand
नैनीताल: उत्तराखंड पर्यटन प्रदेश के रूप में पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां ऐसे कई पर्यटन स्थल हैं, जहां सालभर सैलानियों की भीड़ लगी रहती है।
Best Place to Visit in Uttarakhand
मसूरी, नैनीताल, चकराता, मुस्यारी, कौसानी समेत तमाम शहर हर वक्त पर्यटकों से गुलजार रहते हैं, लेकिन इसी उत्तराखंड में कुछ ऐसी खूबसूरत जगहें भी हैं, जो पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। इन पर्यटन स्थलों की खूबसूरती देखते ही बनती है। आज हम आपको ऐसे ही टूरिस्ट स्पॉट्स के बारे में बताएंगे, जहां आप भीड़भाड़ से दूर शांति हासिल कर सकते हैं।
गरतांग गली-
भारत-चीन सीमा के निकट नेलांग घाटी में स्थित गरतांग गली करीब 150 साल पुरानी है। कहते हैं इस 150 मीटर लंबे पैदल ट्रैक का निर्माण पेशावर के पठानों ने किया था। समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर खड़ी चट्टान को काटकर तैयार इस रास्ते को जीर्णोद्धार के बाद एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गरतांग गली भारत-तिब्बत के बीच व्यापारिक संबंधों की गवाह रही है।
टिहरी झील की फ्लोटिंग हट्स-
एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन यहां बोटिंग का लुत्फ उठा सकते हैं, साथ ही रात फ्लोटिंग हट्स में गुजारी जा सकती है। यहां पानी पर बनाई गई हट में पहाड़ों के बीच रात गुजराना अनोखा अनुभव है। ये हट्स पूरी तरह इको फ्रेंडली और आरामदायक हैं। हट्स में ठहरने वाले पर्यटकों को उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ देशी-विदेशी व्यंजन भी परोसे जाते हैं।
नागताल-
केदारघाटी में फाटा से तीन किलोमीटर दूर स्थित नागताल बेहद खूबसूरत जगह है। यहां महर्षि जमदग्नि का प्राचीन आश्रम व नानतोली देवी का मंदिर भी है। ताल के चारों तरफ देवदार व अन्य प्रजाति के पेड़ों का सघन वन है। इस जगह पर फाटा-जामू-नागताल ट्रेकिंग रूट को भी विकसित किया जा रहा है।
देहरादून का आनंदवन-
राजधानी देहरादून में स्थित आनंदवन में जड़ी बूटियों वाली नक्षत्र वाटिका, ट्री हट, बंबू हट, उत्तराखंड में मिलने वाले जीवजंतु जैसे हाथी, तेंदुआ, बाघ की प्रतिकृतियां देख सकते हैं। यहां ध्यान केंद्र है। साथ ही बर्मा ब्रिज, कमांडो नेट और जिप लाइन जैसी एक्टिविटिज भी की जा सकती हैं। बच्चों को लुभाने के लिए यहां बटर फ्लाई गार्डन और बर्डिंग पैराडाइज बनाया गया है।
चेनाप झील-
जोशीमठ में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित इस घाटी को दूसरी फूलों की घाटी कहा जाता है। घाटी में जाने के जोशीमठ से दो रास्ते हैं। एक रास्ता घिवाणी और दूसरा मेलारी टॉप से होकर जाता है। बरसात के सीजन में यहां 300 प्रजाति के दुर्लभ फूल खिलते हैं। फूलों की घाटी की तरह यह घाटी भी 15 दिन में रंग बदलती है। घाटी में यहां कई तरह के वन्य जीव भी पाए जाते हैं। आगे पढ़िए
पाताल रुद्रेश्वर गुफा-
चंपावत में साल 1993 में खोजी गई पाताल रुद्रेश्वर गुफा के भीतर शिवलिंग स्थापित है। ये गुफा पाटी ब्लॉक की वारसी गांव में स्थित है। कहते हैं कि सबसे पहले एक बच्चे ने इस गुफा को देखा था। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। अब पर्यटन विभाग इस गुफा को विकसित करने की पहल कर रहा है।
किलबरी जलाशय-
नैनीताल से 15 किलोमीटर दूर किलबरी में घने जंगलों के बीच बना जलाशय नैनीताल का नया पर्यटक स्थल बनकर उभरा है। यहां ट्रैकिंग रूट भी तैयार किया जा रहा है। यहां से ज्योलीकोट समेत तराई भाबर का विहंगम नजारा देखा जा सकता है। इसके अलावा यहां पर विंटर लाइन को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।
दारमा घाटी की खूबसूरत झील-
पिथौरागढ़ में स्थित दारमा घाटी के राजे ज्यू पीक में एक खूबसूरत झील है। इस झील को वर्ष 2020 में क्लाइंबिंग बियोंड द समीट्स (सीबीटीएस) टीम ने सेला पास में सफल आरोहण के दौरान ढूंढा था। ये जगह इतनी खूबसूरत है कि यहां आने वाले लोग स्वर्ग की कल्पना कर सकते हैं। समुद्र तल से लगभग 5100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस झील तक पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ेगा।