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देहरादून: उत्तराखंड में कई जगह बिना अनुमति के अवैध रूप से मदरसे चलाए जा रहे हैं।
13 अक्टूबर को किच्छा के सिरौलीकला में अवैध रूप से संचालित मदरसे के खिलाफ कार्रवाई की गई। संचालक समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके तीन दिन बाद पुलभट्टा में एक और अवैध मदरसे का पर्दाफाश हुआ। यहां 22 बच्चियों और दो बच्चों को कमरे में बंद किया गया था। इस तरह के मामले लगातार सामने आने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि निर्देश जारी होने के महज 9 दिनों में तीन अवैध मदरसों का भंडाफोड़ हुआ है। इन अवैध मदरसों से 48 बच्चों को मुक्त कराया गया, जिनमें ज्यादातर नाबालिग लड़कियां हैं।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ने सभी मदरसों के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। दरअसल कुछ दिन पहले नैनीताल के ज्योलिकोट में अवैध रूप से चल रहे मदरसे के खिलाफ डीएम को पत्र लिखकर शिकायत की गई थी। उस वक्त प्रशासन की टीम ने मदरसे में छापा मारकर 24 बच्चों को रेस्क्यू किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के सभी मदरसों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे पहले भी जहां अवैध मदरसों के संचालन की जानकारी मिली थी, उन पर कार्रवाई की गई थी। कानून से ऊपर कोई नहीं है। बता दें कि धामी सरकार के निर्देश पर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए भी बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। बुधवार को टांडा रेंज में एक एकड़ क्षेत्र में बने अवैध मदरसे को भी ढहा दिया गया।