एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार ने अवैध प्लाटिंग के तीन मामलों में सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे।
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कोमल नेगी
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Image: 18 bigha illegal plotting demolished in Dehradun
देहरादून: उत्तराखंड में जगह-जगह जमीनें कब्जाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
illegal plotting demolished in Dehradun
विकासनगर क्षेत्र में भी तीन अलग-अलग क्षेत्रों में 18 बीघा भूखंड पर अवैध रूप से प्लाटिंग की गई थी। जिसे एमडीडीए की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए के पीठासीन अधिकारी/उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार ने इस संबंध में कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके अलावा चकराता रोड पर यमुना कालोनी के नजदीक अवैध रूप से कमर्शियल निर्माण किया गया था। संयुक्त सचिव कुसुम चौहान के आदेश के तहत अवैध निर्माण के खिलाफ सहायक अभियंता राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंता प्रिंस एवं सुपरवाइजर लीलाधर जोशी की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस बारे में मीडिया को कुछ खास बातें बताई हैं। आगे पढ़िए
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विभिन्न तहसीलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों को भी अवैध निर्माण पर सुनवाई करने व कार्रवाई की शक्तियां दी गई हैं। समय-समय पर इस दिशा में निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसी कड़ी में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार ने अवैध प्लाटिंग के तीन अलग-अलग प्रकरण में सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। गुरुवार को एमडीडीए की टीम ने राजावाला डाकपत्थर में विशाल शर्मा की आठ बीघा, केसरबाग, बाबूगढ़ में राजेंद्र की छह बीघा और इसी क्षेत्र में धीरेंद्र की चार बीघा प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। अवैध प्लाटिंग पर किए गए सीमांकन, मार्ग आदि पर जेसीबी चलाई गई। कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता जितेंद्र मौर्य, सुपरवाइजर अमरलाल भट्ट आदि शामिल रहे।