रुद्रप्रयाग चमोली के लोगों के लिए खुशखबरी, दीपावली पर आर पार हो जाएगी 910 मीटर लंबी सुरंग

सुरंग बनेगी तो केदारनाथ तिराहे से बेलणी पुल तक यात्राकाल व अन्य समय पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही गौरीकुंड हाईवे भी बदरीनाथ हाईवे से जुड़ जाएगा।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
All Weather Road Tunnel: 910 meter long tunnel in all weather road Rudraprayag
Image: 910 meter long tunnel in all weather road Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में सफर को आसान बनाने के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

Tunnel in all weather road Rudraprayag

इसी कड़ी में ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग को जोड़ने के लिए 910 मीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है। अलकनंदा नदी पर पुल भी बनाया जा रहा है। चारधाम यात्रा काल में रुद्रप्रयाग शहर जाम से जूझता रहता है। सुरंग बनेगी तो केदारनाथ तिराहे से बेलणी पुल तक यात्राकाल व अन्य समय पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही गौरीकुंड हाईवे का बदरीनाथ हाईवे से सीधा संपर्क जुड़ जाएगा। सुरंग निर्माण का काम जोरों पर है। निर्माणाधीन 910 मीटर लंबी सुरंग दीपावली पर्व पर आरपार कर दी जाएगी। कार्यदायी संस्था की ओर से सुरंग के दोनों छोर पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। सुरंग निर्माण का कार्य ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत किया जा रहा है। पिछले साल 3 दिसंबर को सुरंग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 910 मीटर लंबी सुरंग में से अभी तक 850 मीटर की खुदाई हो चुकी है। बीआरओ ने वर्ष 2008-09 में सुरंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा था।

वर्ष 2016 में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दी। डीपीआर के आधार पर सुरंग व पुल निर्माण का बजट 156 करोड़ रुपये तय किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने कहा कि सुरंग निर्माण के साथ ही अलकनंदा नदी पर पुल निर्माण के लिए एंबेडमेंट की खुदाई भी अंतिम चरण में है। पुल का निर्माण जून 2025 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सुरंग व पुल बनने से अगस्त्यमुनि ब्लॉक के तल्लानागपुर, धनपुर, रानीगढ़ पट्टी के गांवों का गौरीकुंड राजमार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। साथ ही जखोली ब्लॉक के भरदार सहित केदारघाटी के लोगों की जिला कार्यालय, विकास भवन, सीएमओ कार्यालय तक आवाजाही सुलभ हो जाएगी। सुरंग और पुल के बनने से बेलणी पुल पर वाहनों का दबाव भी कम हो जाएगा। वर्तमान में इसी पुल से केदारनाथ यात्रा का संचालन हो रहा है। ये पुल काफी जर्जर है, जिसके चलते यहां भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है।