राज्य गठन के बीते 23 सालों में ये पहला मौका है, जबकि तुंगनाथ में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हैं। यहां चोपता से तुंगनाथ तक पूरे पैदल मार्ग पर रौनक बनी हुई है।
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कोमल नेगी
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: More than 1 lakh devotees reached Tungnath
रुद्रप्रयाग: चारधाम आने वाले यात्रियों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है।
More than 1 lakh devotees reached Tungnath
इससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन बढ़ा है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं। इस बार चारधाम यात्रा के दौरान तृतीय केदार तुंगनाथ की यात्रा ने भी नया कीर्तिमान बनाया है। यहां पहली बार दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। पूरे यात्राकाल मे यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही, जिससे मस्तूरा से लेकर तुंगनाथ तक कारोबार को नई रफ्तार भी मिली है। रविवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी के दिन यहां सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दोपहर 12 बजे तक तीन हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यहां अब तक 1,00,500 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य गठन के बीते 23 सालों में ये पहला मौका है, जबकि तुंगनाथ में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे हैं। आगे पढ़िए
यहां चोपता से तुंगनाथ तक पूरे पैदल मार्ग पर रौनक बनी हुई है। इससे पूर्व तुंगनाथ में वर्ष 2019 में पूरे यात्राकाल में 25 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे। पंचकेदार में द्वितीय केदार मद्हेश्वर में भी इस साल अभी तक 10,095 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यहां पर यात्रा के लिए अभी एक माह से अधिक समय शेष है। यह पहला मौका है जबकि मद्महेश्वर में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। कपाट बंद होने तक दर्शनार्थियों का आंकड़ा 15 हजार के पार होने की उम्मीद है। तुंगनाथ धाम की यात्रा 26 अप्रैल से शुरू हुई थी, जबकि मद्महेश्वर की यात्रा 22 मई से शुरू हुई। यहां यात्रियों की संख्या के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर कारोबार को भी गति मिली है। इससे क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार मिल रहा है, जो कि प्रदेश के लिए अच्छा संकेत है।