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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रुद्रप्रयाग: अगर सब कुछ ठीक रहा, तो आने वाले वक्त में आपको उत्तराखंड में एक भव्य धार्मिक यात्रा देखने को मिल सकती है।
जी हां काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण तक इस भव्य बारात का प्रस्ताव है। उत्तराखंड के पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक इस भव्य यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार और नेपाल सरकार के बीच बात चल रही है। महाराज ने कहा कि ये यात्रा धार्मिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होगी। नेपाल सरकार से बात की जा रही है और यात्रा के समय को लेकर विद्वानों से भी बातचीत चल रही है। आगे पढ़िए
आपको बता दें कि त्रियुगीनारायण मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कहते हैं कि भगवान विष्णु ने इस विवाह में माता पार्वती के भाई की भूमिका निभाई थी। मान्यताओं के अनुसार त्रिदेव यानी ब्रह्मा विष्णु महेश एक साथ उस दिन इस मंदिर में मौजूद थे। शिव पार्वती के इस विवाह में ब्रह्मदेव ने आचार्य की भूमिका निभाई थी। पर्यटन और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि शिव बारात यात्रा धार्मिक लिहाज से एक बेहद ही महत्वपूर्ण आयोजन होगा। उत्तराखंड में ग्रीष्मकालीन पर्यटन चार धाम यात्रा के रूप में बेहद शानदार चल रहा है। ऐसे में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ाने में शिव बारात धार्मिक यात्रा बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।