शीतकाल के लिए तुंगनाथ से मक्कूमठ चले भोलेनाथ, इस बार यात्रा ने बनाया गजब का रिकॉर्ड

बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे वैदिक मंत्रोचारण और विधि विधान से तुंगनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद किए गए।
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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Tungna Dham Yatra 2023: Tunganath Dham kapat closed for winter
Image: Tunganath Dham kapat closed for winter

रुद्रप्रयाग: देवभूमि में विराजमान तृतीय केदार श्री तुंगनाथ धाम के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं।

Tunganath Dham kapat closed for winter

बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे वैदिक मंत्रोचारण और विधि विधान से तुंगनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद किए गए। इस मौके पर डेढ़ हजार श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए। आपको बता दें कि इस बार तुंगनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने भी पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़े हैं। जी हां पहली बार तुंगनाथ में एक लाख 35 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं। आज ब्रह्म मुहूर्त में श्री तुंगनाथ के कपाट खोले गए, इसके बाद प्रात:कालीन पूजा-अर्चना और दर्शन शुरू हुए। तत्पश्चात दस बजे से कपाट बंद की प्रक्रिया शुरू हुई। बाबा तुंगनाथ के स्वयंभू लिंग को स्थानीय फूलों भस्म से ढक दिया गया और इसे समाधि रूप दे दिया गया। इसके बाद ठीक ग्यारह बजे पूर्वाह्न तुंगनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की देव डोली मंदिर प्रांगण में आई। इसके बाद यहां मंदिर परिक्रमा के पश्चात देव डोली ने चोपता के लिए प्रस्थान किया।