uttarakhand trekking तत्काल एक प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी एवं एसओपी बनाने की हिदायत, डीएफओ को ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की जानकारी जिला प्रशासन एवं पुलिस को देनी होगी.
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Tracking Policy and Guidelines to be released soon in Uttarakhand
देहरादून: राज्य में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को गम्भीरता मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गम्भीरता से लिया।
Tracking Guidelines to be released soon in Uttarakhand
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड में ट्रैकिंग एजेंसियों व कम्पनियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में एक प्रभावी ट्रैकिंग पॉलिसी या एसओपी बनाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की जानकारी हर हाल में जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को मुहैया कराई जाए। यानी अब ट्रैक पर जाने वाले हर पर्यटक की पूरी जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी होगी। आगे पढ़िए
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को भी इस सम्बन्ध में डीएफओ, पर्यटन विभाग तथा ईको टूरिज्म से समन्वय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि समय पर ट्रैकिंग एसओपी प्रभावी नहीं की गई। इसलिए प्रदेश में आने वाले ट्रैकर्स की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही की घटना के लिए वन विभाग को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा। इसके साथ ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन विभाग को सख्त हिदायत दी है कि uttarakhand trekking एजेंसियों के लिए भी एक ठोस एसओपी के साथ ही ट्रैकर्स के लिए पुख्ता सुरक्षा मापदण्ड, बीमा, प्रशिक्षित गाइड्स, स्नो इक्वपमेन्ट्स, हेल्थ सर्टिफिकेट, बेसिक मेडिसिन की तत्काल व्यवस्था को लागू किया जाए।