यह संविदाकर्मी जिन पदों पर सेवाएं दे रहे थे, उन पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी है।
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कोमल नेगी
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Image: Services of 50 contract workers working in Doon Hospital terminated
देहरादून: दून मेडिकल कॉलेज में काम कर रहे 50 संविदाकर्मियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
Services of 50 contract workers working in Doon Hospital terminated
ये संविदाकर्मी जिन पदों पर सेवाएं दे रहे थे, उन पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय जल्द ही अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेगा। दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि टेक्नीशियन संवर्ग के उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होनी है, इसलिए संविदा व आउटसोर्स पर तैनात कार्मिकों की सेवाएं उनके नियुक्ति पत्र में वर्णित सेवा अनुबंध शर्तों के अनुसार नियमित नियुक्ति होने पर स्वत: समाप्त हो जाएंगी। इस संदर्भ में उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक व विभागाध्यक्ष को भी आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि जिन संविदाकर्मियों की सेवाएं खत्म होने जा रही हैं, वह उपनल व टीडीएस के माध्यम से संविदा पर काम कर रहे थे। ये संविदा कर्मी तकनीशियन संवर्ग के अंतर्गत रेडियोग्राफिक, रेडियोथेरेपी, ओटी टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्री टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट आदि पदों पर कार्यरत थे। सेवाएं खत्म किए जाने को लेकर उपनल संयुक्त मोर्चा ने आक्रोश जताया है। संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि मोर्चा इस आदेश का विरोध करता है। यदि आदेश निरस्त नहीं किया जाता है तो मेडिकल कालेज के प्राचार्य का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्राचार्य का कहना है कि उक्त कार्मिकों को तकनीशियन के रिक्त पदों के सापेक्ष रखा गया था, पर अब इन पदों पर स्थायी नियुक्ति हो गई है। ऐसे में उनकी सेवाएं बहाल रखना मुमकिन नहीं है।